यूपी: हाईकोर्ट की सख्ती से खुला 13 महीने पुराना केस, बरेली के नाबालिग हत्याकांड का पर्दाफाश
UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बरेली में 13 महीने पुराने नाबालिग हत्याकांड का खुलासा हुआ. पुलिस ने आरोपी सलीम और आसिम को गिरफ्तार किया है. इस घटना के बाद से पुलिस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ने 13 महीने बाद नाबालिग लड़की की हत्या के मामले का खुलासा किया. लेकिन यह मामला सिर्फ एक हत्या तक सीमित नहीं रहा. इस केस में तीन मौतें सामने आईं. पहली नाबालिग लड़की की, दूसरी उस युवक की जिसे शक के घेरे में डालकर आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया गया और तीसरी मौत उस कानून की, जिसे न्याय का प्रतीक माना जाता है.
आरोप है कि न्याय दिलाने की जिम्मेदारी जिन पर थी. उन्होंने ही पीड़ित परिवार को जुर्म कबूलने के लिए मजबूर किया और मानसिक, सामाजिक व प्रशासनिक प्रताड़ना दी. यह मामला सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि व्यवस्था के भीतर छिपी अमानवीयता और संवेदनहीनता की भयावह तस्वीर बनकर सामने आया है.
क्या है पूरा मामला
बरेली के क्योलाडिया थाना क्षेत्र के गांव सतवन पट्टी से 13 महीने पहले एक नाबालिग गुमशुदा हो गई थी. इस मामले में पीड़ित परिवार ने क्योलडिया थाना पर अपनी बेटी की गुमशुदा होने की शिकायत की थी. पुलिस ने मामले पर कुछ खास नहीं कर सकी थी. इसी दौरान पीड़ित परिवार अपने बेटी की तलाश के लिए मशक्कत करता रहा. परिजनों के मुताबिक जब पुलिस पर ज्यादा दबाव बढ़ा तो उसने पीड़ित परिवार पर अपने बेटी की हत्या का जुर्म स्वीकार करने का दवाब बनाना शुरू कर दिया. पुलिस की तरफ से नाबालिग युवक के आत्महत्या करने के मामले में उन्हीं पर मुकदमा लिख दिया गया. पीड़ित परिवार को स्थानीय पुलिस द्वारा मारा पीटा गया, पूरे घर को शव की तलाश में खोद दिया गया. घर के बेटों के साथ मारपीट की गई पर किसान अजीज अहमद का परिवार पुलिस के सामने झुका नहीं है.
13 महीने बाद गिरफ्तार हुआ बेटी का हत्यारा- अजीज अहमद
नाबालिग के पिता अजीज अहमद ने बताया कि वह अपनी बेटी के पिछले 13 महीने से परेशान थे. इस दौरान पुलिस ने उन्हें जुर्म स्वीकार करने के लिए प्रताड़ित किया पर वह टूटे नहीं. इसके बाद वह अपने वकील विकास बाबू के माध्यम से हाई कोर्ट पहुंचे इसके बाद उन्हें न्याय की उम्मीद जगी, तब कहीं जाकर उनकी बेटी की हत्या का आरोपी सलीम गिरफ्तार किया गया है. वहीं हाईकोर्ट ने बरेली एसएसपी अनुराग आर्य को तलब किया और एक शपथ प्रमाण पत्र लिया जिसमें एसएसपी अनुराग आर्य ने स्वीकार किया कि पुलिस को एक महिला की कुछ हड्डियां मिली है.
नाबालिग की हत्या के बाद पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने केस में कार्रवाई करते हुए डीएनए रिपोर्ट कराई जिसमें इस बात की पुष्टि हो गई, यह गुमशुदा लड़की की हड्डियां है जिसकी हत्या कर दी गई है. पुलिस ने बढ़ते हुए दवाब के बीच कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया. जिसमें से पुलिस जांच करते हुए तीन आरोपियों को थाने से छोड़ दिया. वहीं आज नाबालिग की हत्या के आरोप में पुलिस ने सलीम नाम युवक के साथ बंगाली डॉक्टर आसिम उर्फ अमित को गिरफ्तार करके मामले का खुलासा कर दिया. जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि आसिम ने वर्ष 2017 में अपनी पत्नी रजनी की हत्या की थी.
अब बरेली पुलिस आसिम की पत्नी रजनी की हत्या के मामले में नए तरह से जुट गई है. पुलिस की मौजूदगी में आरोपी सलीम ने बताया कि उसने नाबालिग लड़की की इसलिए हत्या की थी वह उस पर घर से भागने के दबाव बना रही थी. वहीं उसने पुलिस के सामने यह भी स्वीकारा कि उसने असीम बंगाली की पत्नी की हत्या में भी साथ दिया था. एसपी ग्रामीण नॉर्थ ने बताया कि क्योलडिया थाना क्षेत्र में हुई नावालिग लड़की की हत्या का खुलासा करते हुए सलीम को गिरफ्तार किया है. साथ ही भुता क्षेत्र में हुई महिला की हत्या के मामले में आसिम उर्फ बंगाली डॉक्टर को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है.
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Source: IOCL



























