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UP में SIR में 2.89 करोड़ मतदाताओं के कटेंगे नाम, लखनऊ में सबसे ज्यादा 12 लाख, जानें जिलेवार आंकड़े

SIR In UP: चुनाव आयोग के मुताबिक अब 31 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होगी, उसके बाद जिनके नाम हटे हैं या कोई भी दावा-आपत्ति है उन्हें 30 जनवरी 2026 तक स्वीकार किया जाएगा.

उत्तर प्रदेश में 4 नवम्बर से चल रही मतदाता सूची विशेष गहन परीक्षण (SIR) प्रक्रिया 26 दिस्मबर को समाप्त हो गयी.चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 2.89 करोड़ मतदातों के नाम कटने तय हैं. इस प्रक्रिया में चौंकाने वाले आंकड़े बड़े शहरों से आए यहां सबसे ज्यादा वोट कटे. राजधानी लखनऊ में रिकॉर्ड 12 लाख से अधिक नाम हटे. इसके अलाव भी कई शहरों से वोट कटने के नंबर लाखों में हैं.

चुनाव आयोग के मुताबिक अब 31 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होगी, उसके बाद जिनके नाम हटे हैं या कोई भी दावा-आपत्ति है उन्हें 30 जनवरी 2026 तक स्वीकार किया जाएगा. इसके बाद 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी. जिनके नाम कटे हैं उन्हें संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे. उसके बाद हिन् उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा.

इस वजह से कटे नाम

चुनाव आयोग के मुताबिक शहरों में नाम कटने का असर ज्यादा मिला है. इस प्रक्रिया में पलायन, डुप्लीकेट और लापता मतदताओं की संख्या होने के कारण लाखों वोटरों के नाम काटे गए हैं. स्थाई रूप से ट्रांसफर या पलायन वाले मतदाता सबसे ज्यादा हैं. इनकी संख्या एक करोड़ से ज्यादा हैm जबकि मौत और डुप्लीकेट व लापता मतदाताओं की संख्या भी लाखों में है.

प्रमुख जिले जहां सबसे ज्यादा नाम कटे

  • लखनऊ में कटे 12 लाख से ज्यादा वोट
  • प्रयागराज में 11 लाख 56 हज़ार 339 वोट कटे
  • कानपुर में नौ लाख से ज्यादा वोट कटे
  • आगरा में 8 लाख 36 हज़ार 965 वोट कटे
  • गाजियाबाद में 8 लाख 18 हज़ार 325 वोट कट गए हैं
  • बरेली में 7 लाख 14 हज़ार 768 वोट कटे
  • मेरठ में 6 लाख 65 हज़ार 647 वोट SIR के पहले राउंड में कट गए
  • जौनपुर में 5 लाख 89 हज़ार 546 वोट कट गए
  • वाराणसी में 5 लाख 73 हज़ार 217 वोट कटे
  • गोरखपुर में 6,45,634 वोट कटे
  • गौतम बुद्ध नगर में 4,47,479 वोट SIR में कटे

जिलेवार आंकड़ों से साफ़ है कि SIR में सबसे ज्यादा असर शहरी क्षेत्र के मतदाताओं पर पडा है. राजधानी लखनऊ में इस हिसाब से 40 लाख से अधिक मतदाता थे. जिसमें अब 12 लाख कट गए. जबकि प्रयागराज दूसरे और कानपुर तीसरे नंबर पर रहा.

ड्राफ्ट सूची के बाद दर्ज हो सकेंगी आपत्ति

चुनाव आयोग ने अब ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद आपत्ति दर्ज करवाने की सलाह दी है. आयोग मुताबिक इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी ताराग त्रुटी रहित बनाना  है. इसलिए जो दस्तावेज मांगे गए हैं उन्हें सम्बन्धित BLO को अंतिम तारीख से पहले उपलब्ध करवा दें.

नोएडा में 18 लाख से अधिक मतदाता

जिले में कुल 18 लाख 65 हजार 673 मतदाता दर्ज हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में मतदाताओं का डिजिटलीकरण, मैपिंग और सत्यापन किया गया है, जबकि लाखों मतदाता नो मैपिंग और एएसडी (अब्सेंट, शिफ्टेड, डुप्लीकेट) श्रेणी में पाए गए हैं.

रिपोर्ट के अनुसार जिले की तीन विधानसभा सीट, 61 नोएडा, 62 दादरी और 63 जेवर, में मतदाता आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है. नोएडा विधानसभा क्षेत्र में कुल 7,71,082 मतदाता हैं, जिनमें से 5,61,764 मतदाता (72.85 फीसदी) के इलेक्टोरल फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं. वहीं दादरी सीट पर कुल 7,26,828 मतदाताओं में से 5,62,435 (77.38 फीसदी) और जेवर में 3,67,763 मतदाताओं में से 2,93,470 (79.8 फीसदी) का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है.

9.81%  मतदाता नो  मैपिंग में 

मैपिंग की स्थिति की बात करें तो जिले में कुल 12,33,316 मतदाताओं (66.11 फीसदी) की मैपिंग की गई है. इसके उलट 1,83,067 से अधिक मतदाता (लगभग 9.81 फीसदी) ऐसे पाए गए हैं, जो नो मैपिंग श्रेणी में शामिल हैं. अकेले नोएडा विधानसभा क्षेत्र में 59,139, दादरी में 1,01,877 और जेवर में 22,051 मतदाता नो मैपिंग की श्रेणी में दर्ज हुए हैं. इन मतदाताओं को लेकर जिला प्रशासन अब सख्त कदम उठाने जा रहा है.

प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि नो मैपिंग श्रेणी में शामिल 1 लाख 80 हजार से अधिक मतदाताओं को नोटिस भेजे जाएंगे. इन मतदाताओं को अपनी पात्रता और पहचान से जुड़े दस्तावेज जमा करने होंगे. इसके लिए 31 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है. इसके अलावा, जिले में बड़ी संख्या में मतदाता एएसडी श्रेणी में भी पाए गए हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, गौतमबुद्ध नगर में कुल 4 लाख 48 हजार 15 मतदाता, यानी करीब 24.01 फीसदी एएसडी श्रेणी में दर्ज हैं. इनमें नोएडा में 2,09,320, दादरी में 1,64,395 और जेवर में 74,300 मतदाता शामिल हैं. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार एसआईआर प्रक्रिया के तहत करीब 4 लाख 40 हजार मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं. ऐसे मतदाता 31 दिसंबर 2025 को प्रकाशित होने वाली अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होंगे, जब तक कि वे तय समयसीमा में आवश्यक दस्तावेज जमा कर सत्यापन पूरा नहीं कराते.

Input By : आईएएनएस
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