नोएडा: फर्जी लोन रैकेट का भंडाफोड़, 100 करोड़ से ज्यागा की ठगी, कई राज्यों में था एक्टिव
Noida News: एसटीएफ के एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपियों का नेटवर्क बेहद मजबूत और सुनियोजित था. यह गैंग फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सरकारी पहचान पत्र तैयार करता था.

उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने एक विशाल बैंक धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह फर्जी दस्तावेज तैयार कर देशभर के कई बैंकों से होम लोन, पर्सनल लोन और प्रोफाइल फंडिंग के नाम पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी कर चुका था. संगठनगत तरीके से काम करने वाला यह गिरोह लंबे समय से विभिन्न राज्यों में सक्रिय था.
एसटीएफ के एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपियों का नेटवर्क बेहद मजबूत और सुनियोजित था. यह गैंग फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सरकारी पहचान पत्र तैयार करता था. इन नकली दस्तावेजों के जरिए वे चंडीगढ़, उत्तराखंड, दिल्ली और यूपी में बिल्डरों के साथ मिलकर फ्लैटों और मकानों पर फर्जी होम लोन स्वीकृत करवाते थे. लोन मिलने के बाद गिरोह तुरंत गायब हो जाता था, जिससे बैंक करोड़ों के नुकसान में चले जाते थे.
10 बैंकों का 100 करोड़ का चूना
जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने अब तक करीब 10 प्रमुख बैंकों को 100 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया है. एसटीएफ ने वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच करते हुए गिरोह से जुड़े 220 बैंक खातों को फ्रीज कराने के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजा है. यही नहीं, गिरोह के और सदस्य व सहयोगियों की तलाश जारी है.
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रामकुमार (गाजियाबाद), नितिन जैन (दिल्ली), मोहम्मद वसी (झारखंड, हाल नोएडा), शमशाद आलम (बिहार), इंद्रकुमार कर्माकर (गुरुग्राम), अनुज यादव (गाजियाबाद), अशोक कुमार उर्फ दीपक जैन उर्फ रिंकी (दिल्ली) और ताहिर हुसैन (संभल) के रूप में हुई है. इनके खिलाफ संगठित आर्थिक अपराध व जालसाजी के कई गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है.
फर्जी दस्तावेज और उपकरण बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें 126 पासबुक और चेकबुक, 170 डेबिट कार्ड, 45 आधार कार्ड, 27 पैन कार्ड, 15 आईडी कार्ड और निर्वाचन आयोग के 5 पहचान पत्र शामिल हैं. इसके अलावा पुलिस ने 26 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 3 गाड़ियां, और बड़ी संख्या में होम लोन–पर्सनल लोन से संबंधित दस्तावेज व रजिस्ट्रियां भी जब्त की हैं. एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि यह एक बड़ा संगठित फर्जीवाड़ा था, जिसकी परतें अभी भी खुल रही हैं. टीम इस गैंग के वित्तीय नेटवर्क, बिल्डरों के साथ सांठगांठ और अन्य राज्यों में फैले कनेक्शनों की भी जांच कर रही है.
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