Siddharthnagar News: सिद्धार्थनगर कोर्ट ने चार साल बाद सुनाया फैसला, पांच वोटों से हारी हुई महिला बनी जिला पंचायत सदस्य
Siddharthnagar News: यूपी के सिद्धार्थनगर में चार साल से कोर्ट में चल रहे केस में अब फैसला आया है जिसमें पांच मतों से विजयी हुई रीता देवी जिला पंचायत सदस्य बन गई हैं.

सिद्धार्थनगर जिले के न्यायालय सत्र न्यायाधीश के निर्देश पर मतगणना के छठे चरण के चार्ट की गिनती कर एडीएम गौरव श्रीवास्तव ने रीता देवी को जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र सौंपा है.
सिद्धार्थ नगर में पुनर्मतगणना के बाद जिला पंचायत सदस्य पद पर निर्वाचित हुई रीता देवी बांसी ब्लॉक के ग्राम तेजगढ़ की निवासी है. इन्हें चुनाव के चार साल बाद कोर्ट में चले केस में फैसले के बाद जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित घोषित किया गया है.
रीता देवी के वकील का क्या कहना है?
रीता देवी के अधिवक्ता प्रमोद सिंह ने से बताया कि रीता देवी बनाम सुनरा देवी को लेकर चुनावी केस चला कि छठे चरण मतदान में मतगणना अधिकारियों ने योगफल गलत करके विजयी प्रत्याशी को हटाते हुए कूट रचित तरीके से दूसरे का नाम अंकित करके घोषणा कर दी और सुनरा देवी को जिला पंचायत सदस्य घोषित कर दिया गया. जबकि ऐसा नहीं था छठे चरण में मतदान का कुल योगफल 468 था जो गलत था. इसे 378 होना चहिए था.
प्रत्याशी रीता देवी पांच वोटों से विजयी हुई थीं, लेकिन सुनरा देवी को निर्वाचित घोषित कर दिया गया. इसके संबंध में रीता देवी के दाखिल वाद पर न्यायालय सत्र न्यायाधीश के यहां केस चला, जहां न्यायालय ने सभी प्रपत्रों का अवलोकन के बाद पाया कि पांच मतों से रीता देवी विजयी है.
रीता देवा को दिया जीत का प्रमाण पत्र
12 अगस्त को अपर जनपद न्यायाधीश मोहम्मद रफी ने फैसला दिया कि सभी मत पत्रों का गणना की जाए और रीता देवी को विजयी घोषित करके प्रमाण पत्र दिया जाए. कोर्ट ने चार साल से चल रहे केस में सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया है.
इसके बाद अपर जिलाधिकारी गौरव कुमार श्रीवास्तव ने रीता देवी को पांच मतों से विजयी घोषित करते हुए प्रमाणपत्र सौंप दिया. साथ ही एक आदेश न्यायालय की और से दिया गया कि जिन-जिन लोगों ने कूट रचित दस्तावेज में सहयोग किया है. उन पर उचित एवं दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी.
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Source: IOCL

























