सावन में ज्ञानवापी परिसर में नमाज पर रोक की मांग, शिवसेना ने मंदिर प्रशासन को सौंपा पत्र
Gyanvapi News In Hindi: उत्तर प्रदेश शिवसेना ने मथुरा ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सावन माह में नमाज अदा करने पर बैन लगाने की मांग की है. साथ ही मांग पूरी न होने पर विरोध की चेतावनी दी है.

उत्तर प्रदेश शिवसेना ने मथुरा ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सावन माह में नमाज अदा करने पर बैन लगाने की मांग की है. मंदिर प्रशासन को शिवसैनिकों ने पत्र लिखकर धार्मिक भावनाओं का हवाला देते हुए प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है. साथ ही संगठन की ओर से चेतावनी भी दी गई है. पत्र में कहा गया है कि अगर मांग पूरी नहीं की जाती है को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
शिवसेना के उप प्रमुख अजय चौबे ने मंदिर प्रशासन को यह पत्र सौंपा है. उन्होंने कहा कि वार्षिक बैठक के दौरान मंदिर प्रशासन को जानकारी दी है कि सावन माह में मस्जिद परिसर में नमाज पढ़ी जाने की वजह से भक्तों का मन विचलित होता है और उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचता है.
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शिवसेना ने पत्र सौंपकर रखी ये मांग
शिवसेना उप प्रमुख अजय चौबे ने कहा, "हर साल एक बैठक होती है. इस बैठक में हम लोगों ने यह कहा कि ज्ञानवापी मंदिर परिसर में तीन महत्वपूर्ण स्थान हैं. जिसमें श्रृंगार गौरी, बाबा विश्वनाथ मंदिर और आदि विश्वेश्वर मंदिर शामिल हैं. दोनों समुदाय इन स्थानों के स्वामित्व को लेकर चल रहे विवाद से अवगत हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "सावन महीने में यह स्थिति होती है कि कांवड़ लेकर लोग लाइन में लगे रहते हैं उस जगह पर यह लोग अपनी टोपी पहनकर ज्ञानवापी परिसर में जाते हैं तो अंदर से मन विचलित होने लगता है. ऐसा लगता है जैसे सनातन धर्म को उंगली दिखाई जा रही है."
'सनातन धर्म को हंसी पात्र बनाया जा रहा है'
अजय चौबे ने आगे कहा, "ऐसा भी लगता है कि सनातन धर्म को हंसी का पात्र बनाया जा रहा है. इसी वजह से मन में एक ठेस पहुंचता है और ठेस इतना जबरदस्त होता है कि ऐसा लगता है हम क्या न कर दें. इसलिए मन की तकलीफ और सनातन धर्म को जो कष्ट पहुंचता है उसी चीजों को लेकर हम लोगों ने मंदिर प्रशासन को पत्र सौंपा."
उन्होंने कहा, "पत्र के माध्यम से यह अवगत कराया कि सावन भर तक उनको नमाज पढ़ने से रोका जाए. जिस तरह से हमें श्रंगार गौरी के लिए रोका जाता है. इसीलिए इन्हें नमाज पढ़ने से रोका जाए और नमाज न पढ़ने दी जाए." उन्होंने आगे बताया कि मंदिर प्रशासन ने इस पर विचार करने के लिए कहा है.
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