Exclusive: 'हम खुद इलाज करना जानते हैं', मारपीट वाले वीडियो पर बोले सत्यम पंडित
UP News: सत्यम पंडित ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले लोग नीट के छात्र नहीं थे. प्रदर्शन में शामिल कुछ लोग भगवान श्रीराम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपमान कर रहे थे.

हिंदू वीर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हिंदूवादी नेता सत्यम पंडित का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वायरल वीडियो को लेकर एबीपी न्यूज ने सत्यम पंडित से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन, कथित मारपीट और कांवड़ यात्रा में मुस्लिम अधिकारियों की तैनाती समेत कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी.
सत्यम पंडित ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले लोग नीट के छात्र नहीं थे. प्रदर्शन में शामिल कुछ लोग भगवान श्रीराम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपमान कर रहे थे. उन्होंने कहा जो लोग श्रीराम का अपमान कर रहे थे और प्रधानमंत्री को गाली दे रहे थे, वे नीट के छात्र नहीं थे, बल्कि किसी विशेष धर्म, जाति और समुदाय के लोग थे.
वहीं सत्यम पंडित ने कहा कि यदि कोई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या भगवान श्रीराम का अपमान करेगा तो वे प्रशासन, पुलिस या सरकार की कार्रवाई का इंतजार नहीं करेंगे हम खुद उसका इलाज करना जानते हैं..
भारत को नेपाल बनाने की कोशिश का लगाया आरोप
सत्यम पंडित ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर भारत को नेपाल जैसा बनाने की कोशिश की जा रही थी. उनका कहना था कि देश का कोई भी नागरिक ऐसी कोशिश की अनुमति नहीं देगा और इसका विरोध किया जाना चाहिए.
मारपीट के सवाल पर दिया जवाब
जब उनसे पूछा कि छात्रों के साथ कथित मारपीट करने का अधिकार उन्हें किसने दिया, तो उन्होंने कहा कि जो देश का अपमान करेगा और देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उन्हें किसी अनुमति की जरूरत नहीं है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों और सीआरपीएफ जवानों के साथ मारपीट हुई तथा प्रधानमंत्री और भगवान श्रीराम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं.
कांवड़ यात्रा पर भी दिया बयान
कांवड़ यात्रा के दौरान मुस्लिम अधिकारियों की तैनाती को लेकर दिए गए अपने बयान पर सत्यम पंडित ने कहा कि उन्होंने कोई आदेश जारी नहीं किया है, बल्कि सरकार से अनुरोध किया है कि करीब 20 दिनों तक मुस्लिम अधिकारियों की ड्यूटी कांवड़ यात्रा से दूर रखी जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी पहचान छिपाकर हिंदू समाज को गुमराह कर रहे हैं और ऐसे मामलों में प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए.
























