'मैं अभागा सवर्ण हूं मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा' UGC पर कुमार विश्वास की पहली प्रतिक्रिया
UGC Roll Back News: यूजीसी मामले पर कवि कुमार विश्वास ने पहली प्रतिक्रिया दी है. इस प्रतिक्रिया के जरिए कुमार विश्वास ने कानून वापस लेने की मांग की है.

कवि कुमार विश्वास ने यूजीसी मामले पर तीखी टिप्पणी की है. स्व. रमेश रंजन मिश्र द्वारा रचित कविता की चार पंक्तियां साझा करते हुए विश्वास ने मांग की है कि यूजीसी अपने नियम वापस ले.
सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर कुमार विश्वास ने लिखा- चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूँ मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा ..।” (स्व० रमेश रंजन मिश्र). यह लिखने के बाद कुमार विश्वास ने लिखा - यूजीसी रोलबैक.
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बता दें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026 पर कड़ी आपत्तियां जताई जा रहीं हैं. नेताओं के साथ-साथ आम लोगों ने भी कानून के दायरे, स्पष्टता और चुनिंदा तरीके से लागू किए जाने पर सवाल उठाए हैं. लोगों का मानना है कि यह नियम यूनिवर्सिटी कैंपस में तनाव बढ़ा सकते हैं.
यूजीसी के नए नियम क्या है?
यूजीसी के अनुसार, ये नियम 2019 और 2023 के बीच भेदभाव की शिकायतों में 118 प्रतिशत की बढ़ोतरी की रिपोर्ट के जवाब में बनाए गए थे, जिसमें खास तौर पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की सुरक्षा पर ध्यान दिया गया था.हालांकि, इस नोटिफिकेशन पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं. सामान्य वर्ग के लोगों ने इन नियमों की आलोचना करते हुए इन्हें एकतरफा ढांचा बताया है और तर्क दिया है कि आरोपियों के लिए सुरक्षा अपर्याप्त है और ऊंची जाति के छात्रों को गलत तरीके से निशाना बनाया जा सकता है.
दूसरी ओर, इन नियमों के समर्थकों ने ऐतिहासिक हाशिए पर धकेलने की समस्या को दूर करने के लिए इन्हें ज़रूरी सुधारात्मक उपाय बताया है, और जोर देकर कहा है कि ये नियम रिवर्स भेदभाव नहीं हैं.ये नियम संस्थागत जवाबदेही लाने की भी कोशिश करते हैं, जिसमें संस्थानों के प्रमुखों पर उत्पीड़न की शिकायतों को दूर करने और नियमित निगरानी के जरिए नियमों का पालन सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी डाली गई है.
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Source: IOCL























