Exclusive: ठाकुर विधायकों की बैठक से है ब्राह्मण MLAs की बैठकी का रिश्ता? पीएन पाठक ने कर दिया बड़ा दावा
Exclusive: उत्तर प्रदेश में ब्राह्णण विधायकों की बैठकी के बाद अब यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या इसका संबंध बीते महीनों में हुई ठाकुर विधायकों की बैठकी से था? इस सवाल का जवाब खुद पीएन पाठक ने दिया है.

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के ब्राह्मण विधायकों की बैठक हुई. इस बैठक के सूत्रधार रहे कुशीनगर से विधायक पीएन पाठक. पीएन पाठक का दावा है कि इस बैठक में कोई सियासी बातचीत नहीं हुई. एबीपी न्यूज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत में पाठक ने यह भी दावा खारिज किया कि इस बैठक का रिश्ता ठाकुर विधायकों की बैठक के साथ था.
पाठक ने कहा कि इस बैठक को 2027 से कोई निहितार्थ न निकाला जाए. क्षत्रिय समाज की बैठक के बाद इस बैठक को न जोड़ा जाए. आगे भी बैठेंगे. बाकी लोग भी जोड़ा जाएगा. बैठक में ब्राह्मण समाज भूमिहार ब्राह्मण समाज से लोग थे.
पीएन पाठक ने कहा कि एक दिन पहले ऐसे ही तय हुआ कि कहीं बैठा जाए. बैठकर बाटी चोखा खाया जाए. इस कारण हमने कहा हमारे यहां आओ ,आयोजन किया जाएगा. कोई भी राजनीतिक बात नहीं की गई. इस बैठक में बाटी चोखा भी था जो लोग व्रत थे उनके लिए फलाहार भी रखा गया. उन्होंने कहा हमने कोई भी राजनीतिक चर्चा नहीं की. SIR के विषय पर चर्चा हुई, घर परिवार की चर्चा हुई.
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जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई नाराजगी है, अधिकारियों से कोई नाराजगी है? इस पर पीएन पाठक ने कहा हमारी सारी मदद मुख्यमंत्री करते हैं कहीं कोई नाराजगी नहीं है.
सहभोज की बैठक पर रत्नाकर मिश्रा से भी एबीपी न्यूज़ ने बात की. उन्होंने कहा कि समाज में जो भी विसंगतिया है उसको दूर करने के लिए बैठक हु. ब्राह्मण समाज ही दिशा देता है और हम कैसे अपने में सुधार लाकर के समाज में सुधार लाएं उसके लिए बैठक हुई.बैठक में करीब 4 दर्जन लोगो थे.इसके कोई राजनातिक मायने नही है. योगी आदित्यनाथ के संदर्भ में मिश्रा ने कहा कि ऐसा मुख्यमंत्री न था और न होगा.हम लोग चिंतन के लिए बैठे थे किसी भी बिरादरी की बैठक होना अच्छी बात है.
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