यूपी में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, वोटर्स को मिलेंगे चार रंग के बैलेट पेपर, ऐसे कर पाएंगे वोट
UP Panchayat Election Update: अलग-अलग चार पदों के लिए अलर-अलग रंग का इस्तेमाल किया गया है. ग्राम प्रधानों का कार्यकाल मई में जबकि जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल जुलाई में समाप्त होगा.

उत्तर प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की तारीख भले ही न घोषित हुई और इसके होने पर भी संशय है. बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां जोरों पर हैं, चुनाव प्रक्रिया के लिए मतपत्रों की छपाई और उनके जिलों में पहुंचना जारी है. ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक चार रंगों में मतपत्र छपे हैं. जिससे मतदान कर्मियों को पहचान में मदद मिलेगी.
अलग-अलग चार पदों के लिए अलर-अलग रंग का इस्तेमाल किया गया है. ग्राम प्रधानों का कार्यकाल मई में जबकि जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल जुलाई में समाप्त होगा. लेकिन पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन में देरी से चुनाव टलने के पूरे आसार दिख रहे हैं.
इस तरह से होगा रंगों का पदवार बंटवारा
इस बार चुनाव में ग्राम प्रधान के लिए सफेद रंग का मतपत्र, ग्राम पंचायत सदस्य के लिए गुलाबी रंग का मतपत्र निर्धारित किया गया है. पंचायत सदस्य (BDC) के लिए नीले रंग का मतपत्र प्रयोग किया जाएगा. जबकि जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में पीले रंग का मतपत्र उपयोग होगा. इसके पीछे उद्देश्य मतदान कर्मियों और मतदाताओं दोनों का काम आसान करना है. एक ओर जहां काउंटिंग में पदवार पर्चे छांटने में आसानी होगी तो वहीं वोटर्स आराम से चारों पदों पर बिना संशय वोटिंग कर सकते हैं.
प्रदेश में 58 हजार पंचायतें
यहां बता दें कि प्रदेश में कुल 58 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें हैं. लगभग आठ लाख ग्राम पंचायत सदस्य चुने जाएंगे. 75 हजार से अधिक क्षेत्र पंचायत सदस्य और करीब तीन हजार जिला पंचायत सदस्य भी चुने जाएंगे.
चुनाव टलने के आसार
चुनाव में आरक्षण के निर्धारण को लेकर अभी तक पिछड़ावर्ग आयोग का गठन ही नहीं किया गया है. जिस कारण पंचायत चुनाव टलते नजर आ रहे हैं. सरकार ने हाईकोर्ट में हलफ़नाम देकर आयोग गठन का वादा किया था, लेकिन अभी तक प्रक्रिया शुरू होने की कोई जानकारी नहीं है.
पिछले पंचायत चुनाव के आधार पर अब ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो जाएगा. जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 11 जुलाई 2026 को पूरा होगा और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कार्यकाल भी 19 जुलाई 2026 को खत्म हो जाएगा.
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Source: IOCL

























