अमित शाह के बयान पर संजय सिंह भड़के, कहा- इसका मतलब है...
गृह मंत्री अमित शाह ने स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट के दौरान पुलिसिया कार्रवाई पर विपक्ष द्वारा की जा रही चर्चा की मांग पर कहा है कि वह बयान देने को तैयार हैं. अब इस पर सियासी प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है.

दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया एक्शन को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा रहा है. इस बीच सत्र के आखिरी दिन से पहले 12 अगस्त को गृह मंत्री ने कहा कि वह जवाब देने को तैयार हैं. अब इस पर सियासी टिप्पणियों और प्रतिक्रियाओं का दौर दारी है. इसी क्रम में आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर तीखी टिप्पणी की है.
आप नेता ने कहा कि कल सत्र का आखिरी दिन है. आज अमित शाह अचानक बयान देने के लिए तैयार हो गए हैं. इसका मतलब है कि उन्होंने जान-बूझकर सदन को चलने नहीं दिया, और अब, जब सिर्फ एक दिन बचा है, तो वे कह रहे हैं कि वे बयान देने के लिए तैयार हैं.
संजय सिंह ने और क्या कहा?
आप नेता ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में, बिना वर्दी या नेम प्लेट वाले अज्ञात हमलावरों ने 500 छात्रों पर पैलेट गन से बेरहमी से हमला किया. इसके अलावा, बिहार में छात्रों पर धारा 144 लागू की गई. विपक्ष इन घटनाओं पर सफाई मांग रहा है और उसने चर्चा को सुबह 3:00 बजे तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है.
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राज्यसभा सांसद ने कहा कि उम्मीद है कि राज्यसभा में बयान दिया जाएगा, और चर्चा की अवधि व किन खास मुद्दों पर बात होगी, यह चेयरमैन तय करेंगे. विपक्ष से कहा गया है कि वे दोपहर 2:00 बजे तक अपना रुख साफ करें, जिसके बाद लोकसभा में बयान पर चर्चा होगी. बता दें गृह मंत्री ने कहा है कि वह 13 अगस्त 2026, गुरुवार को दोपहर तीन बजे जवाब देंगे.
विपक्ष के आरोपों पर बोले शाह
इन सबके बीच शाह ने कहा, लापता, भाग गए, भगोड़े, इस प्रकार की भाषा भारत के सार्वजनिक जीवन और संसदीय जीवन में अभी-अभी सुनाई पड़ी है. जब से संसद सत्र शुरू हुआ है, तब से लगातार मैं संसद में आता हूं, अपने कक्ष में बैठता हूं. चूंकि संसद भवन में विपक्ष दोनों सदनों में कार्यवाही चलने नहीं दे रहा है, तो कोई जाकर क्या करेगा? गृह मंत्री ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार नीट से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों के मुद्दे पर सभी प्रकार से चर्चा के लिए तैयार है, समय तय किया जाए और विपक्ष भी चर्चा के लिए तैयार हो जाए.





















