योगी सरकार के इस फैसले से खुश हुईं मायावती, किया निर्णय का स्वागत
Moradabad News: यूपी के मुरादाबाद में काशीराम नगर में मौजूद गौतम बुद्ध पार्क में सीनियर केयर सेंटर बनाए जाने का विरोध किया था जिसके बाद अब इसे दूसरी जगह शिफ्ट करने का फैसला लिया गया है.

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मुरादाबाद स्थित तथागत गौतम बुद्ध पार्क में सीनियर केयर सेंटर बनाए जाने के प्रस्ताव पर नाराजगी जताने के बाद अब सरकार के फैसले का स्वागत किया है.
दो दिन पहले किए गए ट्वीट में मायावती ने कहा था कि मुरादाबाद के मान्यवर श्री कांशीराम जी नगर स्थित गौतम बुद्ध पार्क, जो बौद्ध धर्म, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और कांशीराम जी के साथ बहुजन समाज के अनुयायियों की आस्था का स्थल है.
वहां नगर निगम द्वारा सीनियर केयर सेंटर का निर्माण कराए जाने से लोगों में रोष है और माहौल बिगड़ सकता है. उन्होंने मांग की थी कि सरकार तत्काल इस निर्माण पर रोक लगाए ताकि शांति, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को नुकसान न पहुंचे.
मायावती ने सेंटर को दूसरी जगह शिफ्ट करने के फैसले का किया स्वागत
गुरुवार (11 सितंबर) को मायावती ने एक और ट्वीट करते हुए राज्य सरकार द्वारा सीनियर केयर सेंटर को अन्यत्र स्थानांतरित करने के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि, 'उत्तर प्रदेश के जिला मुरादाबाद में प्रसिद्ध मान्यवर श्री कांशीराम जी नगर में स्थित तथागत गौतम बुद्ध पार्क, जो शहर का लोकप्रिय पार्क है तथा यह बौद्ध धर्म व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी तथा विभिन्न वर्गों में भी विशेषकर बहुजन समाज के अनुयाइयों की आस्था का स्थल भी है.'
उन्होंने आगे लिखा, इसमें ’सीनियर केयर सेन्टर’ का निर्माण अब नहीं करके इसे अन्यत्र बनाने का फैसला स्वागत योग्य कदम है, जिसके लिये राज्य सरकार को भी धन्यवाद. उम्मीद है कि यूपी सरकार आगे भी प्रदेश में सामाजिक शान्ति, आपसी सदभाव एवं भाईचारा बनाये रखने के लिये जरूरी कदम उठायेगी.'
अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों के हितों को लेकर भी जताई चिंता
इसी क्रम में मायावती ने केंद्र और राज्य सरकार से अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों के हितों को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत बनाए गए चार मेडिकल कॉलेजों में शुरू में एससी वर्ग को 70 प्रतिशत सीटें दी जाती थीं.
लेकिन न्यायालय ने हाल में अन्य कॉलेजों की तरह 21 प्रतिशत आरक्षण का आदेश दिया है. मायावती ने यूपी सरकार से अपील की कि वह वास्तविक तथ्य अदालत के सामने रखे और आदेश को निरस्त कराए ताकि कमजोर वर्गों का हित सुरक्षित रह सके.
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Source: IOCL






















