प्रेमानंद महाराज के विवादित बयान पर बोली यूपी महिला आयोग की अध्यक्ष- इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण...
Mathura News: मथुरा के वृंदावन संत प्रेमानंद महाराज महिलाओं के प्रतिदिए गए बयान की वजह से सुर्खियों में हैं. अब उनके बयान पर प्रतिक्रियाओं का बाजार गर्म हो गया है.

संत प्रेमानंद महाराज इन दिनों अपने एक विवादित बयान की वजह से विवादों में आ गए हैं. उन्होंने लड़िकयों को लेकर अपने बयान में कहा था कि सौ में से कुछ ही लड़कियां पवित्र हैं. बाकि की लड़कियां बॉयफ्रेंड के चक्कर में पड़ी हुईं हैं. उनके इस बयान पर अब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने टिप्पणी की है.
बबीता सिंह चौहान ने प्रेमानंद महाराज के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि मैंने पहले भी कहा है इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति नहीं हो सकती है. उन्होंने आगे कहा कहीं ऐसा तो नहीं एआई का दुरुपयोग किसी ने संतो पर तो नहीं कर दिया.
क्या बोलीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष
प्रेमानंद महाराज के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा है कि यह लोग समाज को जोड़ने का काम कर रहे हैं या समाज में विघटन करने का काम कर रहे हैं. इस पर मैं यह कहना चाहूंगी कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है.
उन्होंने आगे कहा भारत वह देश हैं जहां महिलाओं की पूजा होती है, भारत वह देश हैं जहां नदियों के नामों को भी मां के नाम से पुकारा जाता है. वहीं भारत को भी भारत मां कहा जाता है, अगर ऐसे में भी नारियों के लिए इस तरह की भाषा का उपयोग होता है वह भी संत व्यास में बैठकर यह ठीक नहीं है.
सबसे ज्यादा महिलाएं प्रेमानंद महाराज को सुनती हैं
बबीता सिंह चौहान ने कहा प्रेमानंद महाराज की 80-90 प्रतिशत फॉलोअर महिलाएं है, तो वह महिलाएं वहां क्या सुनने जा रही हैं. उन्होंने सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा कि महिलाएं इनके पास क्या प्रवचन लेने जा रही हैं, क्या वह महिलाओं को बेइज्जत करने के लिए वहां बुला रहे हैं.
उन्होंने महिलाओं से कहा है कि उनको बहिष्कार कर देना चाहिए और बिल्कुल भी उनको सुनने के लिए नहीं जाना चाहिए, क्योंकि महाराज से ज्यादा अच्छे संस्कार वह खुद अपने बच्चों को दे सकती हैं.
पुरुषों को लेकर भी बोली अध्यक्ष
इसी बीच उन्होंने पुरुषों को लेकर कहा कि मैं पुरुषों से भी यह कहना चाहुंगी हर पुरुष के घर में मां, बहन, बेटी और बीबी सब हैं, अगर हम सब घर में एक साथ बैठकर टीवी पर इस तरह के प्रवचन सुनते हैं तो हम क्या जवाब दे पाएंगे.
उन्होंने आगे कहा अगर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसको हम जुबान से भी नहीं निकाल सकते. इस बात से हमारे बच्चे भी बहुत ज्यादा अनकम्फर्टेबल महसूस करते हैं.
छांगुर को लेकर भड़की अध्यक्ष
धर्मांतरण के आरोपी छांगुर के मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा यह घौर कलयुग चल रहा है, धर्म परिवर्तन से ज्यादा गंदी चीज कुछ नहीं हो सकती. भारतीय महिलाएं दिल से नर्म और भावुक होती हैं उनसे कोई भी कुछ भी कहकर बहला फुसला देता है.
छांगुर जैसे निकम्में ने भी तो छोटी-छोटी लड़कियों को टारगेट बनाया हुआ है और क्षत्रिय समाज और ब्राह्मण समाज की बच्चियों को 15 लाख दे रहा है, वहीं दलित समाज की बच्चियों को 10-12 लाख रुपये दे रहा है. इस पर उन्होंने कहा ये गंदी मानसिकता के लोग हैं. मैं सिर्फ इतना कहूंगी इनकी अकल पर पत्थर पड़ गए हैं जिसकी वजह से यूपी में यह ऐसा काम कर रहे हैं.
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Source: IOCL






















