Lucknow News: अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के स्वागत सत्कार में जुटा लखनऊ, नगर निगम ने लिए कई अहम फैसले
Lucknow News: अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभाशु शुक्ला अपने वतन वापस आ गए हैं. इस बीच वह लखनऊ अपने शहर भी पहुंचेंगे. शुभाशु शुक्ला के स्वागत के लिए लखनऊ नगर निगम ने तैयारियां कर ली हैं.

यूपी का शहर लखनऊ अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के स्वागत की तैयारी में जुट गया है. शुभांशु शुक्ला, जिन्होंने हाल ही में अंतरिक्ष मिशन के जरिए भारत का नाम रोशन किया, इस वजह से उनके सम्मान में नगर निगम ने कई अहम फैसले लिए हैं.
महापौर सुषमा खरकवाल ने बताया कि नगर निगम की बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया है कि उनके घर तक जाने वाली सड़क और शहर का एक पार्क उनके नाम पर रखा जाएगा. यह कदम न केवल उन्हें सम्मान देने के लिए है बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से भी उठाया गया है.
क्या बोलीं लखनऊ महापौर?
एएनआई से बात करते हुए लखनऊ की ने कहा कि, शुभांशु शुक्ला मेरे शहर में पैदा हुए हैं वह हमारे शहर का गौरव है, हम भाग्यशाली हैं कि हमारे शहर का एक बच्चा विश्वपटल पर अपना नाम बना चुका है.
आगे बातचीत में उन्होंने कहा है कि आज पूरी दुनिया शुभाशु शुक्ला को जानती है. इसी बीच महापौर ने बताया कि मैंने उनके घर की रोड को उनके नाम से कर दिया है और सदन में बधाई देकर सबसे पहले इस काम को किया जाएगा.
वहीं उन्होंने एक और अहम फैसला लेते हुए कहा है कि उनके घर के पास नगर निगम की तरफ से एक पार्क को भी बनाया जाएगा. उनके लखनऊ आगमन को लेकर सुषमा खरकवाल ने कहा कि जिस दिन वह शहर आएंगे उस दिन नगर निगम और सभी पार्षदों के साथ हम उनका जोरदार स्वागत के करने के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद रहेंगे.
भव्य स्वागत की तैयारियों में जुटा शहर
महापौर ने कहा कि शुभांशु शुक्ला आज न केवल लखनऊ बल्कि पूरे देश का गर्व बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि शहर का एक बेटा आज पूरी दुनिया में पहचाना जा रहा है.
लखनऊवासी उनके इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं और शहर उन्हें अपना नायक मानकर भव्य स्वागत की तैयारी में जुटा है. शहर के हर कोने में चर्चा है कि जिस युवा ने आसमान में देश का नाम रोशन किया, उसका सम्मान लखनऊ को और गौरवान्वित करेगा.
शुभांशु शुक्ला के स्वागत से शहर का माहौल देशभक्ति और गर्व की भावना से सराबोर होगा. नगर निगम का यह फैसला न केवल एक औपचारिक कदम है बल्कि यह संदेश भी देता है कि लखनऊ अपने सपूतों के योगदान को कभी नहीं भूलता.
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Source: IOCL





















