ग्रेटर नोएडा: कोर्ट पहुंचा कॉलेज में तमंचा लेकर जाने वाले छात्र का मामला, बोर्ड ने भेजा नोटिस
Greater noida News: यूपी के ग्रेटर नोएडा में कॉलेज में तमंचा लेकर पहुंचे छात्र का मामला अब कोर्ट में पहुंच गया है. किशोर बोर्ड ने कॉलेज प्रबंधन को नोटिस भेजकर पेश होने के आदेश दिए हैं.

ग्रेटर नोएडा में अवैध तमंचा लेकर दादरी के मिहिर भोज कॉलेज के छात्र के मामले में न्यायालय ने स्कूल से नाम काटने के मामले का संज्ञान लिया है. करीब एक माह पहले यह घटना हुई थी. एक छात्र बैग में तमंचा लेकर कॉलेज पहुंचा था. किशोर न्याय बोर्ड ने कॉलेज प्रबंधन को नोटिस भेजकर सात दिन में जवाब मांगा है.
ग्रेटर नोएडा के दादरी स्थित मिहिर भोज कॉलेज में एक महीने पहले सामने आए अवैध तमंचा लेकर पहुंचने वाले छात्र के मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है. किशोर न्याय बोर्ड ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए न केवल कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी किया है, बल्कि कड़ी कार्रवाई का संकेत भी दे दिया है.
छात्र के खिलाफ दर्ज हुआ था केस
घटना के बाद कॉलेज द्वारा छात्र का नाम कटने और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को बोर्ड ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन माना है.गौरतलब है कि इस घटना में 9 अक्टूबर को एक नाबालिग छात्र अपने बैग में तमंचा छिपाकर कॉलेज पहुंच गया था.
कॉलेज प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद छात्र को तमंचे सहित दादरी कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया. अगले ही दिन यानी 10 अक्टूबर को कॉलेज प्रबंधन ने छात्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया और उसका नाम स्कूल से काट दिया गया. इसी कार्रवाई को लेकर अब कॉलेज मुश्किल में घिर गया है.
छात्र का नाम काटना शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन- किशोर न्याय बोर्ड
वहीं किशोर न्याय बोर्ड की मजिस्ट्रेट ने मामले की सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि नाबालिग छात्र का नाम काटना शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम का सीधे तौर पर उल्लंघन है. अदालत ने आदेश दिया है कि छात्र का नाम तुरंत कक्षा में पुनः दर्ज किया जाए.
साथ ही कॉलेज प्रबंधन से पूछा गया है कि आखिर किस आधार पर उन्होंने इतनी कड़ी कार्रवाई की, जबकि कानून नाबालिगों के प्रति सुधारात्मक कदम उठाने की बात करता है, न कि दंडात्मक कार्रवाई करने की.
बोर्ड ने कॉलेज प्रबंधन को सात दिन के भीतर विस्तृत जवाब देने का निर्देश दिया है. इसके अलावा प्रबंधन को सोमवार (24 नवंबर) को किशोर न्याय बोर्ड के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का आदेश भी दिया गया है.
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Source: IOCL






















