यूपी में इन सीटों पर फंस गया सपा का उपचुनाव! अखिलेश के अपने बने दुश्मन? बीजेपी ने लगा दिया पूरा जोर
UP Politics: अयोध्या में मोईद के बाद कन्नौज में नवाब सिंह यादव का नाम रेप मामले में आने के बाद सपा को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. बीजेपी महिला सुरक्षा को लेकर सपा को घेर रही है.

UP Bypoll 2024: उत्तर प्रदेश में दस सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर बीजेपी, सपा, कांग्रेस समेत तमाम दल अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं. इस बीच अयोध्या और कन्नौज में हुए रेप कांड को लेकर समाजवादी पार्टी बुरी तरह घिरती हुई नजर आ रही हैं. दोनों मामलों में मुख्य आरोपी के तौर पर सपा नेताओं का नाम सामने आया है, ऐसे में पार्टी का खासी छीछा-लेदर का सामना करना पड़ रहा है. वहीं बीजेपी भी इस मुद्दे को लेकर सपा पर निशाना साधने को कोई मौका नहीं छोड़ रही है.
अयोध्या में नाबालिग से रेप के मामले में सपा नेता मोईद खान का नाम सामने आया. ये मामला अभी शांत भी नहीं हो पाया था कि कन्नौज में भी ऐसा ही कांड देखने को मिला. जिसमें नौकरी मांगने आई 15 साल की बच्ची से सपा नेता नवाब सिंह यादव पर रेप का आरोप लगाया है. बताया जा रहा है कि लड़की नौकरी मांगने अपनी बुआ के साथ नवाब सिंह के पास गई थी, जब आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया. इस मामले में बुआ की भी मिलीभगत की बात सामने आ रही है. लेकिन, आरोपी सपा से जुड़ा है ऐसे में सियासत भी जमकर हो रही है.
मोईद के बाद नवाब सिंह को लेकर घिरी सपा
अयोध्या में मोईद के बाद कन्नौज में नवाब सिंह यादव का नाम रेप मामले में आने के बाद सपा को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. बीजेपी सपा पर अपराधियों और गुंडों की पार्टी बताकर जमकर हमले कर रही है. उपुचनाव से पहले ये मुद्दे सपा के गले की हड्डी बनते जा रहे हैं. बीजेपी जिस तरह से इसे लेकर हमलावर है, उससे फिलहाल ये शांत होता नहीं दिख रहा है. यही नहीं सपा को आगामी उपचुनाव में इसका नुकसान भी उठाना पड़ सकता है.
सपा ने अयोध्या मामले में डीएनए टेस्ट की मांग की तो वहीं कन्नौज मामले में नार्को टेस्ट कराए जाने की मांग की है. सपा ने नवाब सिंह को अपना नेता तक मानने से इनकार दिया है. सपा का कहना है कि लोकसभा चुनाव में हार की वजह से बीजेपी इन घटनाओं से उनकी पार्टी को जोड़ने की कोशिश कर रही है. इस तरह के मामलों को किसी पार्टी या धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए, तो वहीं बीजेपी सपा को गुंडों और अपराधियों की पार्टी बताकर निशाना साध रही है.
दोनों ही जगहों पर आरोपी सपा नेताओं के करीबी बताए जा रहे हैं. अयोध्या में जहां मोईद को फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद का करीबी बताया जा रहा है तो वहीं कन्नौज में नाम सीधा अखिलेश और डिंपल तक पहुंच रहा है.
उपचुनाव में उठाना पड़ सकता है नुकसान
अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का दावा करने योगी सरकार ने आरोपी मोईद खान की बेकरी पर बुलडोजर की कार्रवाई कर अपनी सख्त छवि पेश करने की कोशिश की है. बीजेपी अब उपचुनाव में इसे पूरे ज़ोर-शोर से उठाने में जुटी है ताकि सपा के खिलाफ महिला सुरक्षा को एक बड़ा मुद्दा बनाया जा सके. जाहिर है इसका ख़ामियाजा पार्टी को उपचुनाव में उठाना पड़ सकता है.
बता दें उत्तर प्रदेश में जल्द ही दस विधानसभा सीटों करहल, मिल्कीपुर, मीरापुर, मझवां, खैर, गाजियाबाद, कटेहरी, फूलपुर, कुंदरकी और सीसामऊ में उपचुनाव होने वाले हैं. इनमें मिल्कीपुर सीट अयोध्या में आती है तो वहीं करहल सीट पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के कन्नौज से सांसद बनने के बाद खाली हुई है. ये दोनों ही सीटें बीजेपी और सपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है. देखना दिलचस्प होगा कि महिला सुरक्षा को लेकर जुड़े इन मुद्दों का चुनाव में क्या असर देखने को मिलेगा.
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Source: IOCL



























