उधम सिंह नगर में बड़ी ड्रग रेड: मेडिकल स्टोर से प्रतिबंधित दवाइयां और इंजेक्शन बरामद, मुकदमा दर्ज
Udham Singh Nagar News In Hindi: मुखबिर की सूचना के आधार पर एसके मेडिकल स्टोर पर दबिश दी गई. तलाशी के दौरान ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम की कुल 20,142 टैबलेट्स और 50 ट्रामाडोल इंजेक्शन बरामद हुए.

उत्तराखंड में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर प्रहार करते हुए स्पेशल ऑपरेशन टास्क फोर्स (SOTF) कुमाऊं परिक्षेत्र और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने उधम सिंह नगर के थाना पुलभट्टा क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर बड़ी कामयाबी हासिल की है. मुखबिर की सूचना के आधार पर एसके मेडिकल स्टोर पर दबिश दी गई. तलाशी के दौरान ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम की कुल 20,142 टैबलेट्स और 50 ट्रामाडोल इंजेक्शन बरामद हुए.
ये दोनों दवाएं डॉक्टरी पर्चे के बिना बेचना पूरी तरह गैरकानूनी है. स्टोर संचालक शकूर खान के खिलाफ धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस अब यह खंगालने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं आखिर कहां से आ रही थीं और किन-किन लोगों तक इनकी सप्लाई होनी थी.
युवाओं को नशे की गर्त में धकेल रही हैं ये दवाएं
ट्रामाडोल एक दर्दनिवारक दवा है जबकि अल्प्राजोलम नींद और चिंता से जुड़ी बीमारियों में दी जाती है. लेकिन बीते कुछ सालों में इन दवाओं का चलन युवाओं में नशे के तौर पर तेजी से बढ़ा है. सबसे खतरनाक बात यह है कि ये दवाएं आसानी से मेडिकल स्टोरों से मिल जाती हैं और कई बार बिना पर्चे के भी बेच दी जाती हैं. इनकी लत लगने पर शरीर और दिमाग दोनों पर गहरा असर पड़ता है.
मिलीभगत रोकने के लिए क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण की नई व्यवस्था
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिन कुर्वे के निर्देश पर इस बार निरीक्षण का तरीका बदला गया है. औषधि निरीक्षकों के तीन विशेष दल बनाए गए हैं और उन्हें जानबूझकर अपने गृह जिले से बाहर तैनात किया गया है. इसके पीछे सोच यह है कि स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और दवा व्यापारियों के बीच जो मिलीभगत की आशंका रहती है, वह खत्म हो सके और कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष हो.
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने साफ कहा कि बिना पर्चे के प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री गंभीर अपराध है और विभाग ऐसे हर मेडिकल स्टोर की पहचान कर रहा है जो नियम-कायदों को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं.
आगे भी जारी रहेगा अभियान
सरकार ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. कुमाऊं में हुई यह कार्रवाई उसी नीति की एक कड़ी है. अधिकारियों का कहना है कि प्रदेशभर में औचक निरीक्षण का सिलसिला आगे भी बिना रुके जारी रहेगा. जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी. इसमें किसी तरह की कोई रियायत नहीं बरती जाएगी.
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Source: IOCL




























