जमीयत उलमा-ए-हिंद इस मुद्दे को लेकर पहुंचा श्रावस्ती, डीएम से की मुलाकात, हलचल तेज
Shravasti News: जमीयत उलमा-ए-हिंद का एक डेलिगेशन आज श्रावस्ती जिला मजिस्ट्रेट अजय कुमार द्विवेदी से मिलने पहुंचा, जिससे सियासी हलचल और बढ़ गई है.मदरसों को फिर से संचालित करने की कवायद तेज हो गई है.

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में सील किए गए 30 मदरसों को लेकर सियासी बाज़ार गरमाया हुआ है. इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने हाल ही में इन मदरसों को खोलने का आदेश दिया है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने 44 टीमों के साथ 38 बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है.
जांच में खरे उतरने वाले मदरसों को फिर से संचालित करने की कवायद तेज हो गई है. इस बीच जमीयत उलमा-ए-हिंद का एक डेलिगेशन आज श्रावस्ती जिला मजिस्ट्रेट अजय कुमार द्विवेदी से मिलने पहुंचा, जिससे सियासी हलचल और बढ़ गई है.
कोर्ट का आदेश और जांच प्रक्रिया
श्रावस्ती में 100 से अधिक मान्यता प्राप्त मदरसों को राज्य सरकार ने हाल के दिनों में सील कर दिया था. इनमें से 30 मदरसों को खोलने का निर्देश हाई कोर्ट ने दिया है. कोर्ट के आदेशानुसार जिला प्रशासन ने इन मदरसों की जांच के लिए 38 मापदंड निर्धारित किए हैं, जिसमें बुनियादी सुविधाएं, शिक्षकों का योग्यता प्रमाण, और शैक्षिक पाठ्यक्रम शामिल हैं. इसके लिए 44 विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो हर मदरसे का बारीकी से आकलन करेंगी. यदि ये मदरसे निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं, तो उनके ताले एक बार फिर खुल जाएंगे, और बच्चों की पढ़ाई की घंटियों की आवाज गूंज सकती है.
सियासी तूल और जमीयत का कदम
हाई कोर्ट के आदेश और जांच शुरू होने के साथ ही इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने-अपने नजरिए से इस कार्रवाई को लेकर बयान जारी किए हैं. इसी बीच जमीयत उलमा-ए-हिंद ने सक्रियता दिखाते हुए आज एक डेलिगेशन श्रावस्ती पहुंचा. डेलिगेशन में महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे.
मुलाकात के बाद मौलाना हकीमुद्दीन ने कहाकि जिलाधिकारी के साथ हमारी बातचीत सकारात्मक रही. उम्मीद है कि जल्द ही ये मदरसे फिर से खुल जाएंगे. हालांकि, इस बैठक को लेकर सियासी गलियारों में कयासबाजी शुरू हो गई है.
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