राघव चड्ढा के AAP से बीजेपी में जाने पर भड़कीं सपा MP डिंपल यादव बोलीं- ये देशद्रोह के बराबर...
Dimpel Yadav On Raghav Chadha: समाजवादी पार्टी की सांसद ने राघव चड्ढा के बीजेपी में जाने के फैसले को देशद्रोह के बराबर माना है. मैनपुरी में पत्रकारों से बात करते हुए डिंपल ने यह बयान दिया.

समाजवादी पार्टी की नेता और उत्तर प्रदेश स्थित मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता राघव चड्ढा के फैसले की तुलना देशद्रोह से की है.
मैनपुरी में पत्रकारों से बात करते हुए राघव चड्ढा और AAP के 2/3 राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने के मामले पर समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा, 'जिस पार्टी की वजह से आप राज्यसभा सांसद बने-क्योंकि आप चुनाव जीतकर नहीं आए थे, बल्कि पार्टी ने आप पर भरोसा जताया था-उसी पार्टी को छोड़कर आप दूसरी पार्टी में चले गए; यह देशद्रोह के बराबर है.'
राज्यसभा में आप ने की अपील
इन सबके बीच आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने रविवार को राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन को एक पत्र भेजकर उच्च सदन के उन सात सांसदों को अयोग्य घोषित करने का अनुरोध किया है, जिन्होंने हाल ही में ‘आप’ छोड़कर BJP में विलय की घोषणा की है.
सिंह ने दावा किया कि राज्यसभा के सात सदस्यों द्वारा उठाया गया कदम दल-बदल के समान है. उन्होंने कहा कि सदस्यों का कदम संबंधित कानून के प्रावधानों के विरुद्ध है. ‘आप’ ने पार्टी छोड़ने वाले सात सांसदों की सदस्यता समाप्त करने का अनुरोध राज्यसभा सभापति से किया है और दावा किया है कि वे (सांसद) आप की टिकट पर उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए, लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का फैसला किया.
‘आप’ को शुक्रवार को उस समय बड़ा झटका लगा जब राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल ने पार्टी छोड़ दी तथा BJP में शामिल हो गए. उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अपने सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से भटक गई है.
आप ने इन लोगों से ली सलाह
चड्ढा ने कहा, 'संविधान के अनुसार, किसी पार्टी के कुल सांसदों में से दो-तिहाई सांसद दूसरी पार्टी में विलय कर सकते हैं.' उन्होंने इस तथ्य की ओर इशारा किया कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के कुल 10 सदस्य हैं. सिंह ने रविवार को आरोप लगाया कि इस तरह के दल-बदल विशेष रूप से पंजाब में जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात है और संविधान की भावना के भी विरुद्ध है. पार्टी छोड़ने वाले सात सांसदों में से छह पंजाब से राज्यसभा सदस्य हैं.
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सिंह के अनुसार, आप ने इस मामले पर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और लोकसभा के एक पूर्व महासचिव सहित संविधान विशेषज्ञों से परामर्श किया है तथा यह स्पष्ट है कि 'कानून के तहत ये सांसद अयोग्य घोषित किए जाने के पात्र हैं'. सिंह ने कहा, 'इन सदस्यों को आप ने चुना था और बाद में उन्होंने पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होने का विकल्प चुना. यह पंजाब की जनता और भारत के संविधान के साथ विश्वासघात है.
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Source: IOCL

























