UP Politics: सपा MLA कमाल अख्तर के पद छोड़ने पर रुचि वीरा के घर कटा केक, बोलीं- 'इसका इस्तीफे से...'
Moradabad News In Hindi: सपा विधायक कमाल अख्तर ने विधानमंडल के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया. इस पर अब रुचि वीरा की प्रतिक्रिया सामने आई है.

समाजवादी पार्टी में सपा सांसद रुचि वीरा और पूर्व मंत्री एंव सपा विधायक कमाल अख्तर के बीच चल रही गुटबाजी के चलते मंगलवार (30 जून) को कमाल अख्तर ने अखिलेश यादव के निर्देश पर विधान मंडल के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया. जिसे रुचि वीरा के समर्थक अपनी जीत के रूप में देख रहे हैं. यही वजह है कि रुचि वीरा के आवास पर अखिलेश यादव के जन्मदिन कि खुशी में 53 फिट का केक काटा जा रहा है.
इस से पहले कभी रुचि वीरा ने अखिलेश यादव का जन्म दिन इतने बड़े स्तर पर नहीं मनाया है जाहिर है जीत का जश्न तो होना ही था. इस दौरान सपा सांसद रुचि वीरा से कमाल अख्तर और उनके बीच चल रहे विवाद को लेकर बातचीत के दौरान कई सवाल पूछे गए.
पीडीए पंचायत में न बुलाने से शुरू हुआ विवाद
पीडीए पंचायत में रुचि वीरा को न बुलाने को लेकर शुरू हुए विवाद में रुचि वीरा ने इस सब के पीछे कमाल अख्तर का हाथ बताते हुए अखिलेश यादव से शिकायत की थी. जिसके बाद मामला हाईलाइट हुआ और कमाल अख्तर को मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा तक देना पड़ गया. रुचि वीर ने कहा कि मैंने जो शिकायत की उस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संज्ञान लिया इसके लिए उनका धन्यवाद और वह सब को साथ लेकर चलते हैं.
हमें आपस में नहीं लड़ना- रुचि वीरा
रुचि वीरा ने कहा, "हमें आपस में नहीं बीजेपी से लड़ना है इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जो फैसला लिया वह ठीक है." रुचि वीरा ने कहा कि मैंने अपनी बेटी के लिए मुरादाबाद से कोई टिकट नहीं मांगा है. मैंने सिर्फ ये कहा है कि बिजनौर जनपद की जो सबसे कमजोर सीट हो वहां से मेरी बेटी को टिकिट दे दें. कमाल अख्तर से मेरा कोई संपत्ति के बंटवारे का विवाद नहीं है जो शिकायत थी वह मैंने राष्ट्रीय अध्यक्ष को बता दी है.
कमाल अख्तर के इस्तीफे के बाद केक कटवाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया तो रुचि वीरा ने कहा कि मंगलवार (30) जून को केक कटवाने का कार्यक्रम अचानक बना है. इसका कमाल अख्तर के इस्तीफे से कोई संबंध नहीं है.
उन्होंने आगे कहा, "सपा सांसदों और मेरे टूटने की खबर झूठी फैलाई गई. मेरे तो परिवार में पिछले 100 सालों में भी कोई बीजेपी में नहीं गया. मेरे खिलाफ भ्रामक बातें फैलाई गई. मेरा फर्ज है कि मैं अपने नेता अखिलेश यादव को सब चीजों से अवगत कराऊं और वही मैंने किया."
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