'पहले संविधान बदल दें', हरिद्वार में गैर हिन्दू प्रवेश पर बैन की मांग पर बोले सपा नेता एसटी हसन
ST Hasan: हरिद्वार में हर की पैड़ी पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग पर सपा नेता एसटी हसन ने नाराजगी जताई और कहा कि ये देश किसी एक समुदाय का नहीं है.

हरिद्वार में कुंभ मेला क्षेत्र और गंगा के तमाम घाटों पर ग़ैर हिन्दुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग तेज होती जा रही है. श्री गंगा सभा ने प्रदेश सरकार गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाने की मांग की है, जिसके बाद इस पर सियासत तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद एसटी हसन ने इन बातों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की और कहा कि पहले उन्हें संविधान को बदल देना चाहिए.
सपा सांसद ने श्री गंगा सभा द्वारा हर की पैड़ी पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि "मेरे ख़याल से पहले संविधान बदल दें.. ये देश सबका हैं. ये देश किसी एक कम्युनिटी का नहीं है या किसी जायदाद नहीं है कि मेरे घर में नहीं आ सकते..."
उन्होंने आगे कहा कि संविधान के हिसाब से हिन्दुस्तान में कोई भी हिन्दुस्तानी कहीं से कहीं भी जा सकता है. अगर वो कहीं क्राइम करता है तो उसके लिए क़ानून बना है. इस तरह की बातें अब बंद होनी चाहिए और इन पर भी प्रतिबंध लगना चाहिए जो हमारे समाज के अंदर नफरतें फैला रहे हैं.
हरिद्वार में गैर हिन्दुओं के प्रवेश पर रोक की मांग
दरअसल हरिद्वार में श्री गंगा सभा ने अध्यक्ष नितिन गौतम ने हर की पैड़ी और कुंभ मेला क्षेत्र में गैर हिन्दुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की माँग की हैं. उन्होंने कहा कि ये किसी एक संस्थान तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि ये सभी के लिए होनी चाहिए. चाहे वो कई सरकारी विभाग हो गया संस्थान. यहां तक की मीडिया कर्मी या किसी भी अहिन्दू के हर की पैड़ी में प्रवेश पर रोक लगनी चाहिए.
नितिन गौतम ने 1961 के म्युनिसिपल बॉयलॉज का जिक्र करते हुए कहा कि ये हमारी धार्मिक मान्यता और भावनाओं के आधार पर बने हैं. संवैधानिक अधिकारों के तहत इस व्यवस्था को लागू किया जाना चाहिए. हमारे लिए सनातन धर्म की परंपरा और मां गंगा की धार्मिक अस्मिता और हर की पै़़ी की पवित्रता सर्वोपरि है.
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