सेंसर वाली एलईडी लाइट लगाने से कितनी होती है बचत, नॉर्मल बल्ब से कितने यूनिट कम होती है खर्च?
Motion-Sensor LED lights: सेंसर वाली एलईडी लाइट में बेवजह बिजली खर्च नहीं होती. नॉर्मल बल्ब की तुलना में इससे कई यूनिट तक कम खपत होती है और लंबे समय में बिजली बिल के पैसे बचा सकते हैं.

Motion-Sensor LED lights: बिजली के बढ़ते बिल ने हर घर को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि खर्च कैसे घटाया जाए. अब लोग सिर्फ सस्ते बल्ब नहीं बल्कि स्मार्ट लाइटिंग की तरफ जा रहे हैं. सेंसर वाली एलईडी लाइट इसी बदलाव का हिस्सा है. ये लाइट तभी जलती है जब कोई आसपास होता है और कुछ देर बाद अपने आप बंद हो जाती है.
इसका मतलब यह कि लाइट बेवजह नहीं जलती और बिजली की बर्बादी रुक जाती है. सीढ़ियों, बाथरूम, कॉरिडोर, पार्किंग और स्टोर रूम जैसी जगहों पर अक्सर लाइट घंटों जलती रहती है. सेंसर एलईडी यहां गेम बदल देती है. असली सवाल यही है कि इससे बिल में कितना फर्क पड़ता है और नॉर्मल बल्ब के मुकाबले कितने यूनिट कम खर्च होते हैं. चलिए बताते हैं पूरी जानकारी.
सेंसर एलईडी कैसे घटाती है बिजली का बिल?
सेंसर एलईडी मोशन टेक्नोलॉजी पर काम करती है. जैसे ही मूवमेंट होता है लाइट ऑन और मूवमेंट खत्म होते ही कुछ सेकंड में ऑफ. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि लाइट सिर्फ जरूरत के वक्त ही जलती है. मान लीजिए सीढ़ियों में लगी नॉर्मल 10 वॉट एलईडी रोज 10 घंटे जलती है. ऐसे में महीने में करीब 3 यूनिट बिजली खर्च होती है.
वहीं वही जगह अगर सेंसर लाइट से कवर की जाए, तो इस्तेमाल घटकर रोज 2 से 3 घंटे रह जाता है. इसका सीधा मतलब है कि महीने की खपत 0.6 से 0.9 यूनिट तक आ जाती है. यानी सिर्फ एक लाइट पर ही हर महीने करीब 2 यूनिट तक की बचत हो सकती है. बड़े घर या अपार्टमेंट में यह बचत कई गुना बढ़ जाती है.
नॉर्मल बल्ब के मुकाबले कितने यूनिट बच सकते हैं?
अगर पुराने नॉर्मल बल्ब या ज्यादा वॉट वाले बल्ब की बात करें तो अंतर और साफ दिखता है. 40 वॉट या 60 वॉट का बल्ब अगर रोज 8 से 10 घंटे जलता है. तो महीने में करीब 10 से 15 यूनिट तक खपत कर लेता है. वहीं उसी जगह पर 9 या 10 वॉट की सेंसर एलईडी लगाई जाए. तो इस्तेमाल अपने आप कंट्रोल हो जाता है.
ऐसे में महीने का खर्च 1 से 3 यूनिट के आसपास सिमट सकता है. यानी हर महीने 7 से 12 यूनिट तक की सीधी बचत संभव है. अगर घर में 4 से 5 ऐसी जगहें हैं. तो साल भर में सैकड़ों यूनिट कम हो सकती हैं. यही वजह है कि सेंसर एलईडी अब सिर्फ लाइट नहीं, बल्कि स्मार्ट बचत का जरिया बन चुकी है.
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Source: IOCL


























