‘हम जिंदा थे , पुलिस गंगा जी में फेंकने…’ अखिलेश यादव ने साझा किया महाकुंभ गईं महिलाओं का दर्द
Mahakumbh 2025: महाकुंभ में संगम नोज पर हुई भगदड़ के पीड़ितों की आपबीती शेयर करते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि सत्ता के दावे तो हैं फसाने.

Mahakumbh Stampede: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया के जरिए एक पोस्ट करते हुए महाकुंभ भगदड़ को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने अपने पोस्ट में एक खबर शेयर की है, जिसमें भगदड़ के दौरान वहां मौजूद रही महिलाओं ने घटना के बारे में बताया है. महिलाओं का कहना है कि हम जिंदा थे लेकिन सिपाही बोला कि इसे गंगा में बहा दो.
अखिलेश यादव ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, 'जिन पर है बीती, दुख वो ही जाने, बाकी सत्ता के दावे तो हैं फसाने.' दरअसल, सपा प्रमुख उस घटना को लेकर बीजेपी और योगी सरकार पर लगातार जुबानी हमला कर रहे हैं. उन्होंने सरकार पर मृतकों के आंकड़े छिपाने के साथ ही गायब हुए लोगों के बारे में जानकारी साझा नहीं करने का आरोप लगा है. अखिलेश ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जो खबर शेयर है कि उसमें एक महिला के हवाले से कहा गया है कि पुलिस वाले ने कहा कि गंगा जी में बहा दो. लेकिन हम जिन्दा थे. समाचार संस्था बीबीसी की इस रिपोर्ट में कई महिलाओं ने विभिन्न दावे किए हैं.
सपा प्रमुख ने कहा कि प्रशासन भी लोगों की मदद नहीं कर रहा है. अपनी आपबीती बताते हुए रिपोर्ट में महिला कह रही है कि हम अपने पति से लड़-झगड़कर चले गए. लेकिन वहां जाकर भगदड़ में फंस गए. उस भगदड़ में मेरी पायल, बिछिया सब गुम हो गई. किसी तरह से जान बच गई. उनका कहना था कि वह अपनी 12 साल की बच्ची के सहारे पूरा घर छोड़कर गई थीं.
क्या बोले मुख्यमंत्री
हालांकि सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा, 'जहां एक ओर पूरा देश और दुनिया सनातन धर्म के इस सबसे बड़े आयोजन का साक्षी बनकर गौरव की अनुभूति कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सनातन धर्म के खिलाफ सुपारी लेकर षड़यंत्र करने वाले तत्वों द्वारा लगातार शरारत पर शरारत करते हुए झूठ व असत्य के नित नए प्रतिमान गढ़े जा रहे हैं.'
उन्होंने कहा, 'देश की संसद में मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव का बयान इस ओर सबका ध्यान आकर्षित करता है. ये दोनों वक्तव्य ना केवल इनके सनातन धर्म विरोधी चरित्र को उजागर करते हैं बल्कि इनकी उस गिद्ध दृष्टि की ओर भी सबका ध्यान आकर्षित करता है, जो लगातार इस महाकुंभ के खिलाफ पहले दिन से दुष्प्रचार कर रहे हैं.'
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Source: IOCL






















