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अलीगढ़: ये अखिलेश यादव नहीं हैं! सपा प्रमुख के हमशक्ल सलाउद्दीन को देख चकरा रहा लोगों का दिमाग

Aligarh News: अलीगढ़ के रहने वाले सलाउद्दीन आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलती-जुलती शक्ल की वजह से चर्चाओं में हैं. उन्हें लोग अब अलीगढ़ का अखिलेश यादव भी कह रहे हैं.

अलीगढ़ शहर में इन दिनों एक शख्स ऐसा है, जिसकी शक्ल-सूरत ने उसे आम कारोबारी से खास बना दिया है. नाम है सलाउद्दीन पुत्र अलाउद्दीन, निवासी शाह जमाल, अलीगढ़. पेशे से हार्डवेयर के कारोबारी सलाउद्दीन इन दिनों किसी व्यापारिक उपलब्धि के कारण नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलती-जुलती शक्ल के कारण सुर्खियों में हैं. 

शहर में जहां भी सलाउद्दीन नजर आते हैं, लोग उन्हें देखकर ठिठक जाते हैं और कई बार तो सीधे “अखिलेश यादव” कहकर पुकार बैठते हैं. सलाउद्दीन और अखिलेश यादव के चेहरे की समानता इतनी अधिक है कि पहली नजर में कोई भी धोखा खा सकता है.  चेहरा, मुस्कान, आंखों की बनावट और व्यक्तित्व—सब कुछ अखिलेश यादव से मेल खाता हुआ नजर आता है. यही वजह है कि धीरे-धीरे लोग उन्हें मजाकिया अंदाज में “अलीगढ़ का अखिलेश” कहने लगे हैं.

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शाह जमाल से शुरू हुई पहचान, पूरे शहर में चर्चा

सलाउद्दीन का हार्डवेयर का कारोबार शाह जमाल इलाके में है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक आते-जाते रहते हैं. शुरुआत में कुछ लोगों ने जब उनके चेहरे को ध्यान से देखा, तो उन्हें अखिलेश यादव की याद आ गई. फिर क्या था—यह बात धीरे-धीरे पूरे इलाके में फैल गई. आज हालात यह हैं कि शाह जमाल ही नहीं, बल्कि अलीगढ़ के दूसरे हिस्सों में भी सलाउद्दीन को उनकी शक्ल के कारण पहचाना जाने लगा है. सलाउद्दीन भी इस पूरे मामले को मुस्कान के साथ लेते नजर आते हैं.

अखिलेश की तर्ज पर पहनावा और हेयर स्टाइल

सलाउद्दीन की पहचान सिर्फ चेहरे तक सीमित नहीं है. उन्होंने खुद भी अखिलेश यादव की तरह सूट-बूट पहनने का अंदाज अपना लिया है. सादा लेकिन आकर्षक पहनावा, साफ-सुथरा सूट, सफेद शर्ट और उसी तरह का हेयर स्टाइल—यह सब उन्हें और ज्यादा अखिलेश जैसा बना देता है.

जब वे पूरी तैयारी के साथ बाजार में निकलते हैं, तो लोगों की नजरें अपने आप उन पर टिक जाती हैं. कुछ लोग यह भी कहते हैं कि अगर सलाउद्दीन को दूर से देखा जाए, तो फर्क करना मुश्किल हो जाता है कि सामने खड़ा व्यक्ति अखिलेश यादव हैं या उनका हमशक्ल. यही वजह है कि लोग मजाक में उन्हें “समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पुनर्जन्म” तक कह देते हैं.

लोगों की प्रतिक्रियाएं, हंसी-मजाक

शहर के लोगों के लिए सलाउद्दीन एक रोचक विषय बन चुके हैं. चाय की दुकानों पर, बैठकों में और रोजमर्रा की बातचीत में उनका जिक्र आम हो गया है. कोई उन्हें देखकर हंसते हुए कहता है कि “नेता जी अलीगढ़ में हार्डवेयर का धंधा करने लगे हैं,” तो कोई यह जानने की कोशिश करता है कि क्या उनका राजनीति से कोई नाता है. हालांकि सलाउद्दीन साफ तौर पर कहते हैं कि उनका राजनीति से कोई सीधा संबंध नहीं है. वे एक साधारण व्यापारी हैं और अपने काम से काम रखते हैं. फिर भी उनकी शक्ल उन्हें ऐसी पहचान दिला चुकी है, जो अनायास ही उन्हें चर्चा के केंद्र में ले आई है.

सलाउद्दीन का नजरिया: पहचान को मजे में लेते हैं

सलाउद्दीन का कहना है कि शुरू में उन्हें यह सब थोड़ा अजीब लगा था, लेकिन अब वे इसे सकारात्मक रूप में लेते हैं. लोगों का प्यार और अपनापन उन्हें अच्छा लगता है. वे कहते हैं कि अगर किसी की शक्ल किसी बड़े नेता से मिलती है और लोग उसे पसंद करते हैं, तो इसमें बुराई क्या है. वे यह भी मानते हैं कि अखिलेश यादव एक लोकप्रिय नेता हैं और अगर उनकी शक्ल से उनकी पहचान बनती है, तो यह उनके लिए सम्मान की बात है. हालांकि वे साफ करते हैं कि वे सिर्फ अपने कारोबार और परिवार पर ध्यान देना चाहते हैं.

सोशल मीडिया पर भी होने लगी चर्चा

सलाउद्दीन की तस्वीरें और वीडियो धीरे-धीरे सोशल मीडिया तक भी पहुंचने लगे हैं. लोग उन्हें देखकर कमेंट करते हैं कि “अलीगढ़ में अखिलेश यादव मिल गए,” तो कुछ लोग इसे महज इत्तेफाक बताते हैं. सोशल मीडिया पर यह चर्चा भी शहर की पहचान को एक अलग रंग दे रही है.

अलीगढ़ को मिली एक अलग पहचान

अलीगढ़ पहले ही ताले, शिक्षा और ऐतिहासिक पहचान के लिए जाना जाता है. अब सलाउद्दीन जैसे हमशक्ल की वजह से शहर को एक हल्की-फुल्की, दिलचस्प पहचान भी मिल रही है. यह मामला भले ही राजनीतिक न हो, लेकिन लोगों के बीच हंसी-मजाक और उत्सुकता का कारण जरूर बन गया है.

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