Dehradun News: दिव्यांग छात्रों का आंदोलन जारी, अधिकारी का 'धमकी' वाला वीडियो वायरल
Dehradun News In Hindi: देहरादून के स्कूल में दृष्टिबाधित छात्रों का आंदोलन एक हफ्ते बाद भी जारी है. इसी बीच छात्रों को अधिकारी द्वारा चेतावनी देने के बाद मामला गरम हो गया है.

देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD/NIVH) के मॉडल स्कूल में दृष्टिबाधित छात्रों का आंदोलन एक सप्ताह बाद भी जारी है. छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संस्थान परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं इस बीच एक अधिकारी का छात्रों को चेतावनी देते हुए कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद मामला और गरमा गया है.
छात्रों और संस्थान प्रशासन के बीच दो दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन पाई है. छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा.
लेखपाल-पटवारी भर्ती पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार और UKSSSC से मांगा जवाब
छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों में पहले मिल रही मेरिट और संस्थागत छात्रवृत्ति को दोबारा शुरू करना प्रमुख है. इसके अलावा छात्रों ने वादे के अनुसार लैपटॉप उपलब्ध कराने, हॉस्टल और स्कूल कैफेटेरिया के खाने की गुणवत्ता सुधारने और स्थायी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति की मांग रखी है. छात्रों ने प्राथमिक कक्षाओं में ब्रेल शिक्षकों की कमी दूर करने, अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों को समय पर किताबें उपलब्ध कराने और स्किल विषयों के लिए पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की भी मांग की है.
हॉस्टल और सुविधाओं को लेकर भी नाराजगी
आंदोलन कर रहे छात्रों ने मोबिलिटी इंस्ट्रक्टर, महिला फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर, अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ, बॉयज हॉस्टल में स्थायी वार्डन, नया ऑडिटोरियम और समय पर यूनिफॉर्म व जूते उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है. छात्रों का कहना है कि संस्थान में कई बुनियादी सुविधाओं को लेकर लंबे समय से समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है.
प्रशासन ने कुछ मांगों पर कार्रवाई का किया दावा
संस्थान प्रशासन की ओर से कुछ मांगों पर कार्रवाई की बात कही गई है. प्रशासन के मुताबिक लैपटॉप खरीदने के लिए 48 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं. वहीं महिला स्पोर्ट्स ट्रेनर की मांग को स्वीकार करने और हॉस्टल वार्डन व्यवस्था में बदलाव की जानकारी दी गई है. हालांकि छात्र आर्थिक सहायता और अन्य प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से संतुष्ट नहीं हैं.
मीडिया एंट्री पर रोक, स्थिति स्पष्ट नहीं
आंदोलन के बीच परिसर के अंदर की स्थिति को लेकर पूरी जानकारी सामने नहीं आ पा रही है. मौके पर मौजूद जानकारी के अनुसार संस्थान प्रशासन ने मीडिया कर्मियों को परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी है. इस वजह से धरने पर बैठे छात्रों की मौजूदा स्थिति और प्रशासन के साथ हुई बातचीत की पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है. वहीं वायरल वीडियो को लेकर भी छात्रों और प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है.
देवबंद में सपा-बीजेपी के साथ BSP भी बदलेगी सियासी समीकरण, जानें इस सीट का पूरा विश्लेषण















