रुद्रपुर रेप केस में लापरवाही पड़ी भारी, दो महिला कांस्टेबल सस्पेंड; SSP ने मांगी रिपोर्ट
Rudrapur News In Hindi: रुद्रपुर रेप मामले में लापरवाही बरतने पर एसएसपी अजय गणपति ने सख्त रुख अपनाते हुए दो महिला कांस्टेबलों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

उत्तराखंड के रुद्रपुर में नाबालिग से रेप के गंभीर मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की गई है. एसएसपी अजय गणपति ने सख्त रुख अपनाते हुए दो महिला कांस्टेबलों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश देते हुए सात दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की गई है.
मामले के अनुसार, रुद्रपुर निवासी एक महिला ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर बताया कि 17 अप्रैल को पीलीभीत निवासी एक युवक उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था. इस पर कार्रवाई करते हुए पीलीभीत पुलिस ने किशोरी को थाना बिलसंडा क्षेत्र से बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया था. हालांकि इसके बाद मामला यहीं खत्म नहीं हुआ.
श्रावस्ती में मातम में बदलीं शादी की खुशियां, कार्यक्रम में आए बच्चे नदी में डूबे; 2 लापता
पीड़िता के परिजनों ने की थी कार्रवाई की मांग
बताया गया कि मई महीने की शुरुआत में नाबालिग की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. जब परिजन उसे डॉक्टर के पास लेकर गए तो जांच में वह गर्भवती पाई गई. यह जानकारी सामने आते ही परिवार के होश उड़ गए और पीड़िता की मां ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शुरू की.
पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, एसएसपी से लगाई गुहार
पीड़िता की मां न्याय के लिए रुद्रपुर कोतवाली, पंतनगर कोतवाली और महिला हेल्प डेस्क के कई चक्कर लगाती रही, लेकिन आरोप है कि पुलिस की ओर से मामले में कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. लगातार निराशा मिलने के बाद महिला सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंची और न्याय की गुहार लगाई.
दो महिला कांस्टेल को किया गया सस्पेंड
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब एसएसपी अजय गणपति ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली तो प्राथमिक जांच में ड्यूटी के प्रति लापरवाही और संवेदनहीनता सामने आई. इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला हेड कांस्टेबल पायल आर्या और महिला कांस्टेबल मंजू आर्या को सस्पेंड कर दिया गया.
एसएसपी बोले- अपराध में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि महिला और बच्चों से जुड़े अपराधों में किसी भी प्रकार की उदासीनता या लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. हर पीड़ित को समय पर न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी. साथ ही इस मामले की गहन जांच के लिए क्षेत्राधिकारी डीआर वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है. उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि सात दिनों के भीतर मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू
पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज कर ली है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. वहीं इस घटना के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई है और अधिकारियों ने सभी थानों को संवेदनशील मामलों में गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
यह मामला न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि संवेदनशील मामलों में समय पर कार्रवाई कितनी जरूरी होती है. फिलहाल सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि आगे और किन अधिकारियों या कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी.
बसपा नेताओं के सपा में आने से खुश अखिलेश यादव को लगा बड़ा झटका, यह नेता सुभासपा में हुआ शामिल
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























