राम मंदिर मामले में SIT की रडार पर ट्रस्ट से जुड़े ये चार लोग, पूछे गए सवाल, आज भी जांच जारी
Ram Mandir Donation Controversy: एसआईटी ने इस कथित चढ़ावा घोटाले में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और गोपाल राव से भी पूछताछ की. एसआईटी की जांच लगातार दूसरे दिन भी जारी रही.

अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को भव्य राम मंदिर का उद्घाटन हुआ था, अब दो साल बाद राम मंदिर में चढ़ावा घोटाले के गंभीर आरोप लगे हैं. अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल यानी एसआईटी कथित चढ़ावा घोटाले की जांच कर रही है. एसआईटी ने इस कथित चढ़ावा घोटाले में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और गोपाल राव से भी पूछताछ की.
एसआईटी की जांच लगातार दूसरे दिन भी जारी रही है, एसआईटी अभी अयोध्या के सरयू अतिथि गृह में है. आज सुबह अयोध्या एसपी और डीएम यहां पहुंचे थे और आज भी एसआईटी की जांच जारी रहने वाली है. बता दें कि जांच शुरू होने के पहले दिन आठ घंटे से ज्यादा का समय मंदिर परिसर में गुजारा और एक एक चीज की गहनता से जांच की. एसआईटी ने जहां पैसा गिना जाता था मशीनों को भी देखा है. एसआईटी ने पहले दिन 43 लोगों से पूछताछ की, इसके साथ ही 24 काउंटिंग और 12 इनकी निगरानी करने वालो से भी पूछताछ हुई है.
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एसआईटी की रडार पर ट्रस्ट से जुड़े ये चार नाम
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एसआईटी की पहली पूछताछ के मुख्य बिंदु में चार लोग हैं और इसमे मुख्य रूप से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, राम मंदिर व्यवस्थापक गोपाल राव, ट्रस्टी अनिल मिश्र और चंपत राय के ड्राइवर राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव है. बताया जा रहा है कि संख्या भले ही बड़ी है लेकिन प्रमुख तौर पर पूछताछ की प्राथमिक प्रक्रिया में इनके नाम शामिल किए गए हैं.
कमलनयन दास ने उठाया सवाल
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के प्रमुख नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी कमलनयन दास ने राम मंदिर चढ़ावा घोटाला के संबंध में एबीपी न्यूज से बातचीत में कहा है कि न्याय होगा. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जो साइकिल से चलते थे, उनके पास आज कार और प्रॉपर्टी कैसे आ गई. उन्होंने कहा कि मोदी योगी ईमानदार हैं और न्याय होगा. बता दें कि एसआईटी सात दिन में प्राथमिक रिपोर्ट देगी पंद्रह दिन में जांच को पूरा करेगी.
मंदिर की व्यवस्था से जुड़ी कुछ बातें
जानकारी के अनुसार, मंदिर में कुल 40 दान पेटियां हैं. कुल 50 कर्मचारी में से 24 नोट की गड्डी बनाते थे, दान की रकम की देखरेख 12 ट्रस्ट कर्मी के बीच थी और प्रत्येक 2 व्यक्ति पर 1 ट्रस्ट कर्मी की नजर रहती है. इसके अलावा 14 कर्मचारी sbi और tcs के भी कर्मचारी इस पूरी फौज में मौजूद रहते थे. अब सबकी नजर एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर टिकी है. मंदिर पर अभी टीम मौजूद है और जांच प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है.
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