देहरादून: चारधाम यात्रा में हेली सेवाएं होंगी सुरक्षित, पिछले हादसों से मिलेगी सीख
Uttarakhand News: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सभी विभाग को यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए है. यात्रा में हेली सेवाओं को सुरक्षित बनाने के लिए सख्त टेंडर प्रक्रिया जारी के आदेश दिए.

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सभी विभाग को यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में जुट गए हैं. बीते वर्ष की दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार खासतौर पर हेलीकॉप्टर सेवा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं.
बीते साल चारधाम यात्रा के दौरान हेली सेवा में पांच बड़े हादसे हुए थे, जिनमें 13 लोगों की जान चली गई थी. इन दुर्घटनाओं ने सबको झकझोर कर रख दिया था. घटनाओं को देखते हुए इस बार उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त करने का फैसला किया है.
यात्रा के लिए नए टेंडर और सख्त नियम तैयार
जानकारी के अनुसार, 2023 में जारी किए गए टेंडर की अवधि खत्म हो चुकी है. ऐसे में 2026 की यात्रा के लिए नई एविएशन कंपनियों का चयन किया जा रहा है. युकाडा के सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इस बार सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. इस बार केदारनाथ में हेलीकॉप्टर शटल सेवाओं की संख्या 30 फीसदी घटा दी गई है. भीड़भाड़ कम करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिहाज से यह कदम उठाया गया है.
तकनीकी इंतजाम और निगरानी
सहस्त्रधारा और सिरसी में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) तैनात किया गया है. केदारनाथ और बद्रीनाथ हेलीपैड पर बाइंडिंग और फ्लैटनिंग का काम किया जा रहा है. हेलीपैड और उड़ान मार्गों पर लाइव कैमरे और PTZ कैमरे लगाए गए हैं, जिससे हर पल निगरानी रखी जा सकेगी. खास बात यह है कि अब एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ लाइव ट्रैकिंग भी की जाएगी. जिस से यह पारदर्शिता के साथ पक्का किया जाएगा कि कोई भी डीजीसीए के नियमों की अनदेखी न कर सके.
पायलटों के लिए ये है सख्त शर्तें
युकाडा सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि अब हेलीकॉप्टर उड़ाने वाले पायलट के पास कम से कम 1500 घंटे का उड़ान अनुभव होना जरूरी है. पहली बार केदारनाथ घाटी में उड़ान भरने वाले किसी भी पायलट को अनुमति नहीं दी जाएगी. साथ ही खराब मौसम में किसी भी हालत में हेलीकॉप्टर को उड़ान की इजाजत नहीं मिलेगी. आशीष चौहान ने बताया कि इस बार किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है. गुप्तकाशी से केदारनाथ के लिए 12,444 रुपये प्रति व्यक्ति, फाटा से केदारनाथ 8,842 रुपये और सिरसी से केदारनाथ 8,839 रुपये प्रति व्यक्ति किराया रहेगा. करीब नौ एविएशन कंपनियां इस सेवा में काम करेंगी.
युकाडा को भरोसा है कि इस बार हेली सेवा पूरी तरह सुरक्षित रहेगी. तकनीकी व्यवस्थाएं मजबूत की गई हैं, नियम कड़े किए गए हैं. हालांकि धरातल पर यह इंतेजामात कितने कारगर साबित होते हैं यह यात्रा के दौरान ही स्पष्ट हो सकेगा.
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