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कानपुर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने की 85 लोगों से मुलाकात, जानें- क्या खास चर्चा हुई

रामनाथ कोविंद देश के राष्ट्रपति हैं लेकिन कानपुर वालों के लिए सिर्फ 'अपने' हैं. यही वजह है कि लोग उन क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर भी बेझिझक राष्ट्रपति के पास पहुंच गए जिनके लिए अमूमन अपने पार्षद, स्थानीय विधायक, मेयर या अन्य अधिकारियों पास जाते हैं.

कानपुर: कानपुर प्रवास के दूसरे दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कुछ खास लोगों से मुलाकात की. करीब 85 लोग राष्ट्रपति से मिलने सर्किट हाउस पहुंचे. इनमे IIT कानपुर के निदेशक, कानपुर व HBT यूनिवर्सिटी के कुलपति, डॉक्टर, अधिवक्ता, उद्योगपति, समाजसेवी, राजनेता समेत राष्ट्रपति के कई करीबी भी आये. वैसे तो राष्ट्रपति ने सभी से मुलाकात के लिए सवा घंटे का समय तय किया था. लेकिन मुलाकात का दौर 3 घंटे से ऊपर चला.

कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि राष्ट्रपति इसी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं. उनसे विश्वविद्यालय के विकास को लेकर चर्चा हुई. राष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि IIT की तर्ज पर अधिक से अधिक पूर्व छात्रों की भागीदारी इसके विकास में सुनिश्चित करायी जाए. वहीं कुलपति प्रो. पाठक ने रिसर्च को बढ़ावा देने की योजना पर चर्चा की. HBT यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. शमशेर सिंह ने मुलाकात के बाद बताया कि 25 नवंबर को संस्थान का शताब्दी वर्ष समारोह है. उसके लिए राष्ट्रपति को निमंत्रण दिया है. इसके अलावा संस्थान को केंद्रीय विश्वविद्यालय की तरफ ले जाने पर चर्चा हुई.

कानपुर की मेयर प्रमिला पांडेय ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात की. मेयर परंपरा के अनुसार राष्ट्रपति को कानपुर नगर की चाबी सौंपने आयी थी. मेयर ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति को चाबी सौंपी तो उन्होंने उसे छूकर वापस कर दिया. रष्ट्रपति ने कहा कि फिलहाल कुछ साल आप ही संभालिये. मेयर के अनुसार उनकी मांग पर राष्ट्रपति ने सोमवार को सुबह 9 बजे कानपुर सर्किट हाउस में बरगद का पौधा लगाने की सहमति दी है.

राष्ट्रपति ने एंकर अर्चना सतीश को भी मिलने बुलाया

राष्ट्रपति ने एंकर अर्चना सतीश को भी मिलने बुलाया. कानपुर देहात में जो कार्यक्रम होने हैं उसके सिलसिले में वार्ता की. अपने गांव के बारे में बताया. राष्ट्रपति से मिलने के लिए कानपुर निवासी रुचि सेठ अपने पति और भाई साथ पहुंची. रुचि ने बताया कि राष्ट्रपति जी और उनके परिवार में सालों पुराने रिश्ते हैं. उनकी मुलाकात के दौरान सिर्फ घरेलू बातों और सबके स्वास्थ्य पर चर्चा हुई.

राष्ट्रपति से मिलकर लौटे रिटायर्ड चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट पीएन बाजपाई और उनके दोनों पोते काफी खुश नजर आए. पीएन बाजपेयी ने बताया कि उनका राष्ट्रपति से कितना पुराना संपर्क है याद नहीं. सिर्फ ये याद है कि सालों से घर आना जाना है. आज भी मिले तो सिर्फ एक दूसरे के परिवार का हाल चाल लिया. राष्ट्रपति ने उनके दोनों पोतों कुशाग्र और कोणार्क को चॉकलेट दी तो उनके चेहरे खिल उठे.

भाजपा से कानपुर दक्षिण की अध्यक्ष वीना आर्य पटेल ने रष्ट्रपति से मुलाकात कर PACL में फंसे निवेशकों की हज़ारों करोड़ की रकम पर चर्चा की. वीना आर्या ने बताया कि हाल ही में कुछ लोगों का एक डेलीगेशन उनसे मिल था. उसने कहा कि इस विवाद में उनकी रकम फसी है. वीना ने बताया कि देश भर में करीब 5 से 6 करोड़ लोग इससे प्रभावित है.

कानपुर वालों के लिए सिर्फ 'अपने' हैं राष्ट्रपति

रामनाथ कोविंद देश के राष्ट्रपति हैं. लेकिन कानपुर वालों के लिए सिर्फ 'अपने' हैं. यही वजह है कि लोग उन क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर भी बेझिझक राष्ट्रपति के पास पहुंच गए जिनके लिए अमूमन अपने पार्षद, स्थानीय विधायक, मेयर या अन्य अधिकारियों पास जाते हैं. रष्ट्रपति से मिलने पहुंचे शिव लरसड सोनकर ने कल्याणपुर क्षेत्र के विकास पर चर्चा की. यह सीवेज, पेयजल समेत अन्य सुविधाओं पर चर्चा हुई. शिव प्रसाद ने बताया कि राष्ट्रपति के कानपुर स्थित आवास की साज सज्जा वही देखते हैं. करीब 22 साल से संपर्क में हैं.

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के डॉ. श्याम बाबू गुप्ता, वीरेंद्र और भवानी तिवारी ने भी महामहिम से मुलाकात की. डॉ. श्याम बाबू ने बताया कि कानपुर के GSVM मेडिकल कॉलेज को AIMS का दर्जा दिलाने पर चर्चा हुई. इसके अलावा चित्रकूट के दीनदयाल शोध केंद्र को विकसित करने पर बात हुई. ये केंद्र दो राज्यों से जुड़ा है.

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