प्रयागराज माघ मेला: मकर संक्रांति पर उमड़ा जनसैलाब, सुबह 7 बजे तक 15 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
Magh Mela 2026: मेला प्रशासन का अनुमान है कि आज एक से डेढ़ करोड़ श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे. बुधवार को एकादशी पर ही 85 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई थी.

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में आज दूसरा स्नान पर्व मकर संक्रांति का है. इस अवसर पर संगम तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है. कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. ब्रह्म मुहूर्त से अब तक लाखों लोग संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं.
मेला प्रशासन का अनुमान है कि आज एक से डेढ़ करोड़ श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे. बुधवार को एकादशी पर ही 85 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई थी. पौष पूर्णिमा पर 31 लाख श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं. मक संक्राति के स्नान को देखते हुए मेला प्रशासन की ओर से भी बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं.
मेला प्रशासन ने बड़े स्तर पर की तैयारी
माघ मेले में 20 से 25 लाख कल्पवासी एक माह का कल्पवास कर रहे हैं. पूरे माघ मेले के दौरान डेढ़ महीने में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु स्नान करेंगे. माघ मेले में 12100 फीट लंबा स्नान घाट तैयार किया गया है. किसी भी अनहोनी से बचने के लिए स्नान घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग, जल पुलिस, एनडीआरएफ एसडीआरएफ और गोताखोर तैनात किए गए हैं. मेले से जुड़े अधिकारी भी ग्राउंड जीरो पर मौजूद है.
सिंचाई विभाग माघ मेले में 10 हजार क्यूसेक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की है. माघ मेले में 160 किमी की चकर्ड प्लेट लोक निर्माण विभाग द्वारा बिछाई गई है. यूपी जल निगम द्वारा 242 किमी पेयजल लाइन बिछाई गई है. 85 किमी सीवर लाइन बिछाई गई है. यूपी पावर कारपोरेशन की ओर से 25 अस्थाई विद्युत सब स्टेशन बनाए गए हैं.
12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए
श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और दो हेल्थ सेंटर बनाए गए हैं. त्वरित उपचार के लिए दो अस्पताल 20-20 बेड के बनाए गए हैं. एक वेक्टर कंट्रोल यूनिट 5 आयुर्वेदिक और पांच होम्योपैथिक अस्पताल भी मेले में खोले गए हैं. 50 एम्बुलेंस की व्यवस्था मेले में दी गई है.
माघ मेले में 25 हजार शौचालय, 8 हजार डस्टबिन, 10 लाख से अधिक लाइनर बैग, 30 सक्सन गाड़ियां लगाई गई हैं. मेला क्षेत्र में साफ़-सफाई के लिए तीन हजार सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है. मेले का दायरा भी बढ़ाया गया है, 800 हेक्टेयर में 7 सेक्टर में मेला बसाया गया है. अलग-अलग दिशाओं से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 42 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है.
प्रशासन ने किए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
पूरे मेला क्षेत्र में 17 थाने, 42 चौकियां, 20 फायर टेंडर, सात अग्निशमन चौकी 20 अग्निशमन के वॉच टावर, एक जल पुलिस थाना, एक जल पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. स्नान घाटों पर एटीएस कमांडो भी तैनात किए गए हैं.
सीसीटीवी कैमरे से और एआई युक्त 400 कैमरे से क्राउड मैनेजमेंट, क्राउड डेंसिटी एनालिसिस और इंसिडेंट रिपोर्टिंग की जा रही है. माघ मेले में 3800 परिवहन निगम की बसें लगाई गई हैं. मकर संक्रांति के बाद 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 30 जनवरी को बसंत पंचमी, 1 फरवरी को माघी पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के साथ स्नान पर्व के साथ मेले का समापन होगा.
Source: IOCL
























