UP में मौत की आंधी, 89 लोग मारे गए, 53 घायल, 114 पशुओं की भी मौत, 80 से ज्यादा घर टूटे
Pryagraj News: प्रयागराज में मरने वालों में 5 महिलाएं, चार बच्चे और 8 पुरुष शामिल हैं. जिले के सदर इलाके में एक, हंड़िया में 7, फूलपुर में 4, सोरांव में 3 और मेजा में 2 लोगों की मौत हो गई.

- मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को 24 घंटे में सहायता के निर्देश दिए.
उत्तर प्रदेश में बुधवार को आया तेज तूफान, धूल भरी आंधी और भारी बारिश ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई. यूपी के प्रयागराज, प्रतापगढ़, भदोही, फतेहपुर, उन्नाव, कानपुर देहात, चंदौली, सोनभद्र, बरेली, मिर्जापुर और बदांयू जिलों में इस तबाही के कारण 74 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए.
अकेले प्रयागराज में 17 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टी की गई है. इसके अलावा प्रदेश के भदोही जिले से 16, मिर्जापुर से 14, फतेहपुर ज़िले से 9, उन्नाव से 4, बरेली से 4, कानपुर देहात से 3, बदायूं से 5, चंदौली से 2 और सोनभद्र से 1 मौत की खबरें सामने आई हैं. राहत बचाव कार्य भी जिले में समय से शुरू कर दिया गया.
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प्रयागराज में 17 लोगों की मौत
प्रयागराज में मरने वालों में पांच महिलाएं, चार बच्चे और आठ पुरुष शामिल हैं. जिले के सदर इलाके में एक, हंड़िया में सात, फूलपुर में चार, सोरांव में तीन और मेजा में दो लोगों की मौत हो गई. इस तरह जिले में कुल 17 लोगों की भारी बारिश के साथ आए शक्तिशाली तूफान के कारण मौत हो गई है. इसके अलावा पांच अन्य लोग घायल हुए हैं.
वहीं, तूफान के कारण कुल 20 पशुधन हानि और 16 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं. एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा सभी तहसीलों से आंकड़े जुटाए जा रहे हैं. अभी राजस्व विभाग की ओर से जानकारी जुटाई जा रही है. ऐसे में प्रयागराज में मौत का आंकड़ बढ़ भी सकता है.
मिर्जापुर में आंधी-तूफान के कहर से 14 लोगों की मौत, कई घायल
जिले में आए चक्रवाती तूफान, तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई. पेड़, दीवार, टीन शेड गिरने और आकाशीय बिजली से अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं. मृतकों में पड़री थाना क्षेत्र में-5, अदलहाट-3, कछवां-2, चील्ह-1, लालगंज-1, संतनगर-1, ,कोतवाली देहात-1 शामिल हैं.
बरेली में चार लोगों की मौत
बरेली में चक्रवाती तूफान ने ऐसा कहर बरपाया कि चार लोगों की जान चली गई, कई मवेशी मारे गए और गांवों में तबाही का मंजर दिखाई दिया. बरेली के आंवला और भमोरा क्षेत्र में बुधवार सुबह आए भीषण चक्रवाती तूफान और तेज बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया. नंदगांव के मजरा जंगतीरा में दीवार गिरने से 38 वर्षीय घासीराम की मलबे में दबकर मौत हो गई. भमोरा थाना क्षेत्र के नितोई गांव में पेड़ की टहनी गिरने से 65 वर्षीय गोमती देवी ने दम तोड़ दिया. बेहटा जुनून गांव में टिन शेड गिरने से 61 वर्षीय लिपि की जान चली गई, जबकि हर्रामपुर गांव में पेड़ गिरने से 7 वर्षीय छात्रा देवकी सक्सेना की भी मौत हो गई.
राज्य सरकार ने जारी किए दिशानिर्देश
राज्य सरकार ने भी पूरे राज्य में हुई मौतों का कोई भी आंकड़ा एक साथ जारी नहीं किया है. राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हम आंकड़े इकट्ठा करने की प्रक्रिया में हैं, और उसके बाद राज्य सरकार उसी के अनुसार मुआवजे की घोषणा करेगी." प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रभावित स्थलों का दौरा करें और पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान करें.
इसके साथ ही पूरे उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश, तूफान और बिजली गिरने से हुए नुकसान से प्रभावित पीड़ितों को मुआवजा देने के निर्देश जारी किए हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि उन्होंने पीड़ितों तक राहत पहुंचाने का काम 24 घंटे के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं.
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Source: IOCL

























