PDA पंचांग पर घिरी सपा! अल्पसंख्यकों को लेकर बीजेपी ने पूछा ये सवाल
Lucknow News: सपा के वाराणसी के नेता ने इस पीडीए पंचांग को छपवाया, जिसका विमोचन लखनऊ में अखिलेश यादव द्वारा किया गया. इसमें में पीडीए महापुरुषों की तस्वीरें हैं. इस पर बीजेपी ने सवाल खड़े कर दिए हैं.

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के पीडीए पंचांग को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में पीडीए पंचांग का विमोचन किया,जिस पर बीजेपी ने इस पर सवाल उठाया है कि अब पीडीए का ए यानि अल्पसंख्यक क्या कहेगा ? बीजेपी प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने इस तुष्टिकरण की रजनीति करार दिया है. जबकि सपा ने इसे पीडीए परिवार का बताया और इससे पीडीए को जोड़ने का दावा किया.
सपा के वाराणसी के नेता ने इस पीडीए पंचांग को छपवाया, जिसका विमोचन लखनऊ में अखिलेश यादव द्वारा किया गया. पंचांग में पीडीए महापुरुषों की तस्वीरें हैं. लेकिन इसके बाद बीजेपी ने सवाल खड़े कर दिए हैं. जिसमें खासकर अल्पसंख्यकों को नजरअंदाज करने की बात कही जा रही है.
डॉ रामनोहर लोहिया सभागर में हुआ विमोचन
यहां बता दें कि शनिवार को लखनऊ के डॉ रामनोहर लोहिया सभागार में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पीडीए पंचाग का विमोचन किया. उन्होंने इस दौरान पीडीए की सार्थकता पर बल दिया. सपा प्रवक्ता सुनील साजन ने इसे बेहद महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इसके माध्यम में पीडीए महापुरुषों को आमजन तक पहुंचाया जाएगा. पीडीए और मजबूत होगा. इसके सतह ही सपा नेता उदयवीर सिंह ने कहा कि पंचांग सबके पास पहुंचाया जाएगा. बना ही इसलिए है.
बीजेपी ने उठाए सवाल
सपा के पंचांग विमोचन के साथ ही बीजेपी ने निशाना साधा है, और कह रहे हैं कि अब पीडीए का ‘ए’ क्या करेगा. बीजेपी प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा कि ये तुष्टिकरण का प्रयास है. उन्होंने कहा कि सपा ने अल्पसंख्यकों के साथ धोखा किया है. ये एक तरह का धार्मिक तुष्टिकरण है. जबकि सपा पीडीए की परिभाषा कुछ और ही बताती है.
प्रदेश की राजनीति में अपने वोटरों तक पहुँचने के लिए सपा का पीडीए पंचांग आगामी चुनावों को देखते हुए लॉन्च किया गया है. जबकि बीजेपी ने सवाल खड़े कर अब सपा को सफाई देने पर मजबूर कर दिया है.
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Source: IOCL






















