Mathura News: मथुरा में अंजान बीमारी से कई गांवों में दहशत का माहौल, अब तक 12 लोगों की हुई मौत
Mathura News: मथुरा के कई गांवों में बीते 15 दिनों से अंजान बीमारी के कारण अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है. फिलहाल स्वास्थ्य विभाग मौत की वजह डेंगू को बता रहा है.

Mathura News: पिछले 15 दिनों में मथुरा के 3 ब्लॉकों में फराह मथुरा और गोवर्धन के अंतर्गत आने वाले लगभग दर्जनभर गांव में अनजान बीमारी से लोग दहशत में हैं. जिसके बाद सतर्क हुए स्वास्थ्य विभाग ने इन्हीं गांव में से सर्वे कराकर लोगों से सैंपल लिए हैं. यह जांच के सैंपल मथुरा आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज, लखनऊ केजीएमसी और अलीगढ़ भेजे जा रहे हैं. अगर बीमारी से ग्रसित गांव में हुई मौतों की बात करें तो अब तक जिले में 12 मौतें हो चुकी हैं. जिनमें से फराह ब्लॉक में 9 और मथुरा ब्लॉक में 3 मौतें हो चुकी हैं. स्वास्थ्य विभाग इन मौतों की वजह डेंगू बता रहा है.
वहीं फराह ब्लॉक के कोह गांव में तो ग्रामीण इतने दहशत में आ गए कि कुछ लोग तो बीमारी की दहशत की वजह से गांव से पलायन भी कर चुके हैं और कुछ लोग बच्चों के साथ पलायन कर रहे हैं. बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए कोह गांव में स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाया, जिसके बाद गांव की सफाई, सैनिटाइजेशन और टेस्टिंग की गई. दिल्ली से आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी कोह गांव का दौरा किया.
फराह ब्लॉक के कोह गांव के बाद गोवर्धन तहसील के गांव जचोदा में भी महामारी का प्रकोप देखने को मिला, बताया जा रहा है कि इस गांव में भी करीब दर्जनों की संख्या में लोग बीमारी से ग्रसित हैं. कई लोग तो मथुरा शहर पहुंचकर अलग -अलग अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा, लोग बीमारी की वजह से दहशत में है.
बता दें कि जिला मुख्यालय से लगभग 33 किलोमीटर दूर फराह ब्लॉक में स्थित गांव कोह है. जहां पर लगभग पिछले 2 हफ्ते से महामारी ने पैर पसार लिए हैं और ग्रामीणों में इस महामारी का भय व्याप्त हो चुका है जिसके चलते ग्रामीण अपने बच्चों को लेकर गांव से बाहर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग कोह गांव में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पहुंचाने का दावा कर रहा है
हमने जब कोह गांव में जाकर धरातल पर जांच की तो पाया कि ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए प्रयासों से नाखुश दिखाएं उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग ने यहां पर टेस्टिंग, फागिंग, सैनिटाइजिंग और डॉक्टरों के कैंप लगाकर मात्र खानापूर्ति की है. यहां पर डॉक्टर भी मरीजों से सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं और जब गांव से बीमार लोगों को रेफर कर आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है तो वहां पर भी उन्हें भर्ती नहीं किया जा रहा और उन्हें वहां से भगा दिया जा रहा है. गांव वाले स्वास्थ्य विभाग के इस नजरिए से बेहद ही नाराज हैं.
गांव में फैली इस महामारी से हुई मौतों को भले ही यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मॉनिटर कर रहे हो लेकिन मथुरा का प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ग्रामीणों को संतुष्ट नहीं कर पा रहा है. जिसके चलते ग्रामीण अब इस महामारी से छुटकारा पाने के लिए पूजा-पाठ और हवन का भी सहारा लेने लगे हैं. जिसके चलते ग्रामीणों ने अपने गांव की देवी मां के मंदिर पर बच्चों की सलामती के लिए हवन यज्ञ भी किया.
अभी तक कोह गांव में 9 मौतें हो चुकी हैं लेकिन पिछले दिनों जब गांव में 7 मौत हो जाने के बाद गांव में की गई स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के बारे में जब हमने जिलाधिकारी नवनीत चहल से एक्सक्लूसिव बातचीत की थी तो उन्होंने बताया कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेज दी गई है, वहां से सैंपल लिए जा रहे हैं. गांव की सफाई की जा रही है और पूरे गांव में फागिंग की गई है और गलियों को सैनिटाइज भी किया जा रहा है, जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने कोह गांव पहुंचकर वहां के ग्रामीणों से हालचाल जाना ,और स्वास्थ्य अधिकारियों को बेहतर इलाज और लोगों के साथ सही व्यवहार के दिशा निर्देश दिए.
डॉक्टर भूदेव ने बताया कि जिले में फैली इस बीमारी ने अब तक लगभग 100 लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है सबसे ज्यादा प्रकोप कोह गांव में देखा जा रहा है. जहां पर 9 बच्चे और नौजवान अपनी जान गंवा चुके हैं. इस गांव में दौरा करने पहुंचे बलदेव क्षेत्र से बीजेपी विधायक पूरन प्रकाश को भी ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा था. जिसके बाद कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण भी ग्रामीणों का हालचाल जानने के लिए को गांव पहुंचे थे जिन्होंने विधायक के ग्रामीणों के साथ किए गए व्यवहार के लिए भी ग्रामीणों से माफी मांगी.
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