OP राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, बोले- पत्नी के सम्मान पर नहीं बोले, महिलाओं का क्या...
UP Politics: ओम प्रकाश राजभर यहीं नहीं रुके और आगे कहा कि अखिलेश यादव दिन में तो भाजपा का विरोध करते हैं, लेकिन रात में सीबीआई के डर से गुलदस्ता लेकर योगी-मोदी की शरण में पहुंच जाते हैं.

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर बेहद निजी हमला किया है. उन्होंने कहा, “जो नेता अपनी पत्नी पर हुई अभद्र टिप्पणी के समय उनके साथ नहीं खड़ा हुआ, वह देश की महिलाओं का साथ क्या देगा?” ओम प्रकाश राजभर ने यह टिप्पणी आज संतकबीर नगर में की, यहां वे एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे थे
ओम प्रकाश राजभर यहीं नहीं रुके और आगे कहा कि अखिलेश यादव दिन में तो भाजपा का विरोध करते हैं, लेकिन रात में सीबीआई के डर से गुलदस्ता लेकर योगी-मोदी की शरण में पहुंच जाते हैं. राजभर ने सवाल उठाया कि जिस केस में गायत्री प्रजापति जेल में हैं, उसी एफआईआर में नाम होने के बाद भी अखिलेश बाहर क्यों हैं?
बंगला में बीजेपी सरकार बनने का दावा
बंगाल चुनाव पर आत्मविश्वास जताते हुए सुभासपा प्रमुख ने दावा किया कि 4 मई को वहां भाजपा की सरकार बनने जा रही है, क्योंकि जनता टीएमसी से ऊब चुकी है. अब लोग मोदी जी के साथ हैं.
यूपी में विपक्ष हो जाएगा साफ
ओम प्रकाश राजभर ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह गठबंधन केवल बैठकों और फोटो खिंचवाने तक सीमित है. उन्होंने कहा, "विपक्ष के पास न तो कोई स्पष्ट नीति है और न ही कोई ऐसा नेता जिस पर जनता भरोसा कर सके. हर दल अपनी ढपली अपना राग बजा रहा है. चुनाव आते-आते यह ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगा."
कानून-व्यवस्था बताई दुरुस्त
अधिकारों के सवाल पर कहा कि सुभासपा आज सत्ता में रहकर इन वंचित वर्गों को उनका असली हक दिलाने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि आज भाजपा-सुभासपा गठबंधन के शासन में गरीबों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है और बिचौलियों का राज खत्म हो गया है. पिछली सरकारों में व्याप्त गुंडागर्दी का जिक्र करते हुए राजभर ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का इकबाल बुलंद है.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास की जो लहर चल रही है, उससे विपक्ष पूरी तरह हताश और निराश है. उत्तर प्रदेश की जनता जानती है कि असली हितैषी कौन है. आगामी चुनावों में हम प्रदेश की सभी सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेंगे और विपक्ष को अपना खाता खोलने के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा.
























