नोएडा हिंसा: पाकिस्तान कनेक्शन के बाद अब सपा से लिंक जोड़ रहे योगी के मंत्री, कहा- यह हिंसक घटना...
Noida Worker Protest: कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश को अस्थिर करने की साजिश है.उन्होंने बीते दिनों सपा की रैली पर सवाल उठाये हैं.

- नोएडा में मजदूरों का हिंसक आंदोलन, सरकारी संपत्तियों को नुकसान.
- मंत्री ने बताया साजिश, चुनाव में हारने वालों का हाथ.
- मुख्यमंत्री ने बनाई कमेटी, श्रमिकों व उद्यमियों से बातचीत.
- वेतन वृद्धि पर सहमति, पर मजदूर 20 हजार पर अड़े.
उत्तर प्रदेश के नोएडा में वेतन व अन्य मांगों को लेकर भडके श्रमिकों के हिंसक आंदोलन पर कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश को अस्थिर करने की साजिश है.जो लोग भारतीय जनता पार्टी को चुनाव में नहीं हरा पा रहे वह अब इस प्रकार की साचिश रच रहे हैं. राजभर ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले समाजवादी पार्टी की भी रैली रही है, बड़ी संख्या में सपा के लोग पेट्रोल पंप पर लाइन में लगे थे और अब यह हिंसक घटना, यह इत्तेफाक भी है. उन्होंने कहा कि जांच हो रही है.
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने यह बयान वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत में दिया है. उन्होंने इशारों-इशारों में नोएडा आंदोलन के लिए सपा की तरफ इशारा कर दिया है. इससे पहले खुद सीएम योगी ने अराजक तत्वों से सावधान रहने की अपील मजदूरों से की थी. 13 अप्रैल को ही राजभर ने इस मामले में पाकिस्तान कनेक्शन का भी दावा किया था.
वेतन बढ़ोत्तरी को लेकर आंदोलन हुआ हिंसक
बता दें कि नोएडा की कई फैक्ट्रियों में श्रमिक कई दिनों से वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्रियों के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे. सोमवार को यह उग्र हो गया और मजदूरों ने कई गाड़ियों और बिल्डिंग में तोड़फोड़ कर दी. यही नहीं पुलिस की गाड़ियां पलट दी और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया. नोएडा पुलिस ने अब तक सैकड़ों उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है. साथ ही बड़ी संख्या में मुकदमे भी दर्ज हुए हैं. मंगलवार को भी भारी पुलिस बल नोएडा में तैनात किया गया है.
सीएम ने बनाई कमेटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा मामले पर गंभीरता दिखाते हुए सीनियर अधिकारीयों की एक कमेटी गठित की और मजदूरों और उधमियों से बातचीत के निर्देश दिए. जिस पर साप्ताहिक अवकाश में काम कराने पर दोगुना वेतन देने व कई मुद्दों पर सहमति बनी है. लेकिन मजदूर अभी न्यूनतम वेतन 20 हजार पर डटे हुए हैं.
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Source: IOCL


























