नोएडा हिंसा पर सरकार सख्त; बाहरी तत्वों की साजिश का दावा, मजदूरों की मांगों पर कमेटी करेगी फैसला
Noida Worker Protest: CM योगी द्वारा श्रमिकों लिए बनाई गई कमेटी के द्वारा आज ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सभागार में एक प्रेस वार्ता की गई. इस दौरान उन्होंने अब तक हुए पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया.

- श्रमिक आंदोलन हिंसक होने पर सरकार ने बनाई कमेटी, जांच जारी.
- कमेटी ने कहा, श्रमिकों की कुछ मांगें जायज, बाहरी तत्व भड़का रहे.
- गलत सूचना के कारण हिंसा भड़की, न्यूनतम वेतन प्रक्रिया में है.
- सरकार ने श्रमिकों और उद्योगपतियों से बात कर आश्वासन दिया.
उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार को श्रमिक आंदोलन के दौरान हिंसक झड़पों के बाद सरकार एक्शन मोड में आ गयी है. जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा श्रमिकों लिए बनाई गई कमेटी के द्वारा आज ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सभागार में एक प्रेस वार्ता की गई. इस दौरान उन्होंने अब तक हुए पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया और कमेटी के द्वारा जो निर्णय लिया गया है वह भी बताया.
इस दौरान आलोक कुमार ने कहा कि श्रमिकों के द्वारा नोएडा में प्रदर्शन हुआ जो हिंसक हो गया जो होना नहीं चाहिए था,लेकिन हमें इंटलीजेंस से कुछ सूचना मिली है कि श्रमिकों की कुछ जायज डिमांड है लेकिन उनकी आड़ में कुछ बाहरी तत्व अराजक तत्व भड़काने का काम कर रहे है. प्रदेश में औद्योगिक को लेकर जो एक अच्छा माहौल बना है उसे बिगड़ने की कोशिश की गई है.
कुछ अराजक तत्व प्रदेश के अच्छे बन रहे औद्योगिक माहौल को वर्कर्स बनाम इंडस्ट्री वर्कर्स बनाम सरकार करना चाहते हैं. लेकिन किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. सबको चिन्हित किया जा रहा है.
मिस इन्फॉर्मेशन से हुआ ये सब
दीपक कुमार, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देश पर श्रमिकों को लेकर उच्च कमेटी का गठन हुआ उद्योग, लेवर विभाग, जिला अधिकारी,तीनों प्राधिकरण के आधिकारी इस जांच कमेटी में वार्ता में शामिल रहे हैं. मिस इनफॉरमेशन कैंपेन चला जो पूरे एनसीआर में हुआ. पहले हरियाणा से शुरू हुआ और उसके अंतर्गत यह कहा गया कि गवर्नमेंट आफ इंडिया ने मिनिमम वेजेस 20000 कर दिए हैं और उसको स्टेट गवर्नमेंट ने ओके कर दिया है. और यह जो नियोक्ता है उद्यमी है उसको आगे पार्सल नहीं कर रहे हैं वहां से शुरुआत हुई.
अभी मिनिमम वेतन प्रोसेस में
हरियाणा में भी वहीं से शुरुआत हुई, जबकि वास्तविकता यह है कि गवर्नमेंट आफ इंडिया अभी उसे प्रक्रिया में है जो एक लेबर कोर्ट होता है, रिजल्ट होता है. उसके अंतर्गत वह सुनवाई करते हैं, नोटिफिकेशन जारी होती है, सुनवाई होती है और उसके बाद जो मिनिमम वेजेस डिसाइड करने होते हैं. वह डिसाइड होता है तो वह आगे प्रक्रिया गवर्नमेंट आफ इंडिया में क्योंकि यह कॉन्करेंट लिस्ट है. उसके कारण स्टेट गवर्नमेंट भी अपनी अपनी कार्रवाई करती है और यूपी में भी वह कार्रवाई चल रही है तो यह जो एक मिस इनफॉरमेशन है.
दोनों पक्षों से बात की
आप साथियों के माध्यम से यह हम लोग क्लेरिफाई करना चाहेंगे कि यह गवर्नमेंट आफ इंडिया लेवल पर भी और स्टेट गवर्नमेंट के लेवल पर भी जैसे यूपी में यह कार्रवाई अभी चल रही है, तो हम लोग जब कल यहां पर आए तो हम लोगों ने दोनों पक्षों से जो अपने कामगार श्रमिक बंधु है उनको भी बुलाया इंडिविजुअल बात की.
जो हमारे कामगार श्रमिक बंधु है उनका कहना है कि महंगाई बढ़ गई है और इसमें जो अभी वेतन उनको मिलता है उसमें बढ़ोतरी होनी चाहिए और साथ में उनका यह भी कहना था कि हम किसी तरह के हिंसा में हम साथ नहीं है,उसके पक्षधर नहीं है.
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Source: IOCL



























