Noida Protest: नोएडा में मजदूरों के हंगामे से पहले क्या-क्या हुआ था? हाईलेवल मीटिंग में श्रमिकों से यह हुई थी बात
Noida Protest News In Hindi: नोएडा में वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे श्रमिक उग्रवादी हो गए और पुलिस के साथ हिंसक झड़प के बाद पत्थरबाजी की. इससे एक दिन पहले औद्योगिक शांति के लिए NDA ने बैठक की थी.

उत्तर प्रदेश के नोएडा में श्रमिकों के हिंसापूर्ण प्रदर्शन (Noida Protest) में काफी नुकसान हुआ है. वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर तीन दिन से प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने सोमवार, 13 अप्रैल को पुलिस पर पत्थरबाजी की, सरकारी वाहन तोड़े, आगजनी की और इमारतों को भी नुकसान पहुंचाया. इस बीच पुलिस को स्थिति कंट्रोल में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. इससे पहले औद्योगिक शांति बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने श्रमिकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की थी और आश्वासन दिया था कि उनकी समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा. जानें अब तक क्या-क्या हुआ था.
नोएडा में औद्योगिक शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण को और अधिक बेहतर बनाने के उद्देश्य से सेक्टर-6 स्थित नोएडा विकास प्राधिकरण के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी. इस बैठक में नोएडा प्राधिकरण, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और सेवायोजक, कारखाना प्रबंधन के बीच समन्वय को मजबूत करने पर विशेष चर्चा की गई थी.
बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करूणेश, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह और जिलाधिकारी मेधा रूपम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि प्रमुख सचिव श्रम एम. के. एस. सुंदरम और श्रम आयुक्त मार्कण्डेय शाही ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया.
'श्रमिकों और उद्यमियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध'
वहीं, प्रमुख सचिव श्रम ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों और उद्यमियों दोनों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि नई श्रम संहिताओं के तहत न्यूनतम वेतन की गारंटी, समयबद्ध वेतन भुगतान, समान कार्य के लिए समान वेतन, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान, सामाजिक सुरक्षा (ईपीएफ, ईएसआई), ग्रेच्युटी और गिग व असंगठित श्रमिकों को भी सुरक्षा दायरे में शामिल करने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रावधान लागू किए जा रहे हैं.
श्रम आयुक्त ने की सभी पक्षों से अपील
गौरतलब है कि श्रम आयुक्त ने सभी पक्षों से अपील की थी कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी से बचें. उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित श्रम कार्यालय से तुरंत संपर्क किया जाए.
अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने औद्योगिक इकाइयों को शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और श्रमिकों के साथ समन्वय बनाकर समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए. पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती बरतने की बात कही. उन्होंने स्पष्ट किया कि औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि श्रमिकों के हितों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी फैक्ट्रियों में शासन की गाइडलाइंस को नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए और श्रमिकों के साथ संवाद बनाए रखा जाए. साथ ही, फैक्ट्री गेट पर सीसीटीवी कैमरे चालू रखने के भी निर्देश दिए गए.
जिला प्रशासन ने सहायत के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर
जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन ने श्रमिकों और औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं के समाधान के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है. इसके हेल्पलाइन नंबर 1202978231, 1202978232, 1202978862 और 1202978702 जारी किए गए हैं, जिन पर किसी भी समस्या की सूचना दी जा सकती है.
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि अधिकारी नियमित रूप से औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण करें और श्रमिकों व प्रबंधन के बीच निरंतर संवाद बनाए रखें, ताकि किसी भी विवाद को प्रारंभिक स्तर पर ही सुलझाया जा सके. वहीं अंत में जिलाधिकारी ने सभी श्रमिकों से अपील की कि वे अनुशासन और सौहार्द बनाए रखते हुए अपने कार्यों को पूरी निष्ठा से करें तथा किसी भी भ्रामक सूचना से दूर रहें.
उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कार्य करते हुए जनपद में औद्योगिक गतिविधियों को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा. बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार, उप जिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा, अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे.
























