राम मंदिर चढ़ावा विवाद: गोविंद देव गिरि की भूमिका पर बढ़ा संदेह, चंपत राय के आवास पर गुप्त बैठक
Ayodhya Ram Mandir: गुरुवार को गोविंद देव गिरि ने चंपत राय के आवास पर उनसे गुपचुप मुलाकात की है, दोनों में करीब दो घंटे तक बातचीत चली. इसके बाद वो चुपचाप मीडिया के कैमरों से बचते हुए निकल गए.

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की भूमिका को लेकर कई तरह से सवाल उठ रहे हैं. इस बीच गुरुवार को गोविंद देव गिरि ने चंपत राय के आवास पर उनसे गुपचुप मुलाकात की है, दोनों में करीब दो घंटे तक बातचीत चली. इस दौरान गोविंद देव गिरि चुपचाप मीडिया के कैमरों से बचते हुए निकल गए.
चंदा चोरी मामले में चंपत राय का इस्तीफा होने के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने जिस तरह उनके आवास पर गुप्त मीटिंग की उसे लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. बताया जा रहा है कि दोनों के बीच बंद कमरे में 2 घंटे तक बातचीत हुई. गोविंद देव गिरि के इस कदम के बाद इस मामले में उनकी भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है.
चंपत राय के आवास पर की गुप्त मीटिंग
गोविंद देव गिरि ने ही सोमवार को ट्रस्ट की बैठक के बाद चंपत राय के इस्तीफे को मंजूर करने की जानकारी दी थी और अब वो उनसे चुपचाप मीटिंग भी कर रहे हैं. यहीं नहीं चंपत राय के इस्तीफे के बाद भई वो लगातार उनकी तरफ से सफाई भी दे रहे हैं और उन्हें निर्दोष बताते उन्हें साथ लेकर चल रहे हैं.
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गोविंद देव गिरी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष हैं. चढ़ावा चोरी मामले में पहले उन्होंने चंपत राय को ही जिम्मेदार ठहराया था और खुद को इस पूरे कांड में क्लीनचिट देते आए हैं. गिरि के ही सीए राम मंदिर में आए चढ़ावे के फंड की ऑडिट करते रहे हैं. जिसके बाद उनके कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठ रहे थे और अब वो चंपत राय से गुप्त मीटिंग कर रहे हैं.
गोविंद देव गिरि ने चंपत राय से मुलाक़ात पर कहा कि मैं चंपत राय से मिलने गया था. उनसे अच्छी बात हुई, मुझे उनका स्वास्थ्य देखना था, वो स्वस्थ्य है वो समाधानी है और त्यागपत्र की वजह से उनमें कोई आक्रोश नहीं है. हम जो व्यवस्था बना रहे हैं, वो उसके साथ हैं. इस्तीफे को लेकर उनमें कोई नाराजगी नहीं है.
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