Noida में प्रदर्शन और हिंसा के बीच इन सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक्शन लेगी पुलिस, जारी किया बयान
Noida में श्रमिकों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन और हिंसा के बीच पुलिस का बड़ा बयान आया है. पुलिस ने उन सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ एक्शन लेने का फैसला किया है जो अफवाह फैला रहे हैं.

- श्रमिकों के प्रदर्शन और हिंसा पर यूपी पुलिस एक्शन लेगी.
- पुलिस ने सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने वालों पर कार्रवाई.
- नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन में कोई मौत नहीं हुई.
- प्रशासन बातचीत से स्थिति सामान्य कराने का प्रयास कर रहा.
उत्तर प्रदेश स्थित गौतमबुद्धनगर में श्रमिकों के प्रदर्शन और हिंसा के बीच यूपी पुलिस कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ सख्त एक्शन की तैयारी में है. पुलिस ने इस सदंर्भ में बयान जारी किया है.
यूपी पुलिस के सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर नोएडा कमिश्नरेट के हवाले से लिखा गया श्रमिकों द्वारा अन्य राज्य से दुष्प्रेरित होकर नोएडा में कई जगह प्रदर्शन किया गया है, मात्र एक जगह हिंसक प्रदर्शन होने पर पुलिस द्वारा न्यूनतम बल प्रयोग कर स्थितियां नियंत्रित की गई हैं. पुलिस द्वारा कहीं भी फायरिंग नही की गयी है. असत्य एवं भ्रामक सूचना फैलाए जाने एवं व्यक्तियों को भड़काने के कारण संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा रही है. अफवाह व भ्रामक सूचना न फैलाएँ.
दरअसल, कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लिखा गया कि हिंसा और प्रदर्शन में लोग मारे गए और घायल हो गए. इसका खंडन करते हुए यूपी पुलिस ने लिखा कि - नोएडा में श्रमिकों द्वारा किए गए प्रदर्शन के सम्बन्ध में कतिपय सोशल मीडिया अकाउंट से यह असत्य और भ्रामक सूचना प्रसारित की जा रही है कि पुलिस फायरिंग में 14 लोगों की मृत्यु और 32 लोग घायल हो गए है. नोएडा पुलिस द्वारा उक्त असत्य और भ्रामक खबर का खण्डन करके संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा रही है.
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— UP POLICE (@Uppolice) April 13, 2026
श्रमिकों द्वारा अन्य राज्य से दुष्प्रेरित होकर नोएडा में कई जगह प्रदर्शन किया गया है, मात्र एक जगह हिंसक प्रदर्शन होने पर पुलिस द्वारा न्यूनतम बल प्रयोग कर स्थितियां नियंत्रित की गई हैं। पुलिस द्वारा कहीं भी फायरिंग नही की गयी है। असत्य एवं भ्रामक सूचना फैलाए जाने… pic.twitter.com/btP6dezAHG
आरआरएफ के जवान भी तैनात किए
इन सबके बीच पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. शहर के कई इलाकों में पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं, वहीं स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए आरआरएफ (RAF) के जवान भी तैनात किए गए हैं.
प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा. बढ़ते तनाव को देखते हुए नोएडा के फेस-2 इलाके को पुलिस द्वारा खाली करवाया गया, ताकि किसी बड़े नुकसान को टाला जा सके.
इस बीच प्रशासनिक स्तर पर स्थिति को संभालने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं. श्रमिकों के प्रदर्शन को शांत कराने के लिए डिप्टी लेबर कमिश्नर, एडिशनल डीसीपी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी नोएडा फेस-2 पहुंचे, जहां वे श्रमिकों से लगातार बातचीत कर रहे हैं और उनकी मांगों को समझने की कोशिश की जा रही है.
श्रमिक अपनी मांगों पर अड़े हुए
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं. श्रमिकों ने कई जगहों पर गाड़ियों में तोड़फोड़ की और कुछ कंपनियों में आगजनी की घटनाएं भी हुईं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
फिलहाल प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत के जरिए स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए, लेकिन श्रमिक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जिससे आने वाले समय में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.
























