'नाम आरिफ और 'लक्ष्मीजी ढाबा' नहीं चलेगा', नेम प्लेट विवाद पर साध्वी प्राची
Sadhvi Prachi: साध्वी प्राची ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर हिंदू देवी-देवताओं के नाम से दुकानें संचालित करते हैं, जो गलत है. उन्हें अपनी पहचान बतानी चाहिए.

30 जुलाई से सावन कांवड़ मेला शुरू होने से पहले मुजफ्फरनगर में हिंदूवादी नेत्री साध्वी प्राची ने कांवड़ मार्ग पर दुकानों की पहचान को लेकर बड़ा बयान दिया. शिव चौक पहुंचीं साध्वी प्राची ने कहा कि कांवड़ मेला दुनिया का सबसे बड़ा और सनातन आस्था का पवित्र पर्व है, इसलिए कांवड़ियों को शुद्ध शाकाहारी भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए.
साध्वी प्राची ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर हिंदू देवी-देवताओं के नाम से दुकानें संचालित करते हैं, जो गलत है. उन्होंने कहा कि अगर किसी का नाम कुछ और है और वह 'लक्ष्मी जी ढाबा' जैसे नाम से दुकान चला रहा है, तो उसे अपनी मूल पहचान सार्वजनिक करनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि यदि किसी को हिंदू देवी-देवताओं के नाम इतने प्रिय हैं, तो वह हिंदू धर्म अपनाकर घर वापसी करे, उनका स्वागत किया जाएगा. उन्होंने प्रशासन से भी अपील की कि कांवड़ मार्ग पर संचालित सभी दुकानों पर संचालकों के वास्तविक नाम प्रदर्शित कराए जाएं और पहचान छिपाकर कारोबार करने वालों पर कार्रवाई की जाए.
पहचान छिपाने वालों पर हो एक्शन
साध्वी प्राची ने कहा कि कांवड़ सनातनियों का यह पवित्र त्यौहार है. बड़े सौभाग्य की बात है कि कांवड़ियों को सम्मान दिया जाता है. हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा होती है, पहले की सरकारें तो कांवड़ियों पर कितने अत्याचार करती थी. मैं अनुरोध करती हूं कि इस दौरान शुद्ध वेजीटेरियन खाने का ध्यान रखा जाए. कुछ लोग अपनी पहचान छिपाकर सनातनियों का धर्म भ्रष्ट करने के लिए एक बड़ी साजिश करते हैं और नाम बदलकर दुकान चलाते हैं.
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दुकान के मालिक का नाम मोहम्मद आरिफ है और लक्ष्मी जी का ढाबा चला रहे हैं. ये एकदम गलत है. नाम और अपनी पहचान ना छुपाए. अगर हिंदू नाम हमारे देवी देवताओं के नाम इतने अच्छे लगते हैं. तो मैं स्वागत करती हूं, कि हिंदू धर्म अपनाइए घर वापसी कर लीजिए. यह बहुत अच्छी बात है.
सीएम योगी की तारीफ की
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ़ करते हुए साध्वी ने कहा कि मैं उनका धन्यवाद करती हूं जो इतना अच्छा काम कर रहे हैं. कांवड़ मेले में अपना नाम प्लेट लगाइए जो नाम है, यह बहुत जरूरी था. प्रशासन इस पर गौर करें. मुजफ्फरनगर और हरिद्वार के हाईवे पर बहुत सारे ढाबे जो कि मुजफ्फरनगर की सीमा में आते हैं। वह नाम बदलकर पहचान छुपा करके चलते हैं. उन पर अंकुश लाया जाए.
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