मुजफ्फरनगर: जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक, बकरीद से पहले भाईचारे और सौहार्द का संदेश
Muzaffarnagar News: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिला अध्यक्ष ने बैठक में कहा कि भारत गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द का देश है. सभी लोगों को अफवाहों से बचते हुए प्रेम और भाईचारे का संदेश देना चाहिए.

मुजफ्फरनगर में बकरीद से पहले जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से एक अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में संगठन के पदाधिकारियों, उलेमाओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया. मीटिंग का मुख्य उद्देश्य बकरा ईद का त्योहार शांतिपूर्ण माहौल और आपसी भाईचारे के साथ मनाने की अपील करना रहा. ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार मुसलमानों के लिए बेहद खास और पवित्र माना जाता है.
बैठक को संबोधित करते हुए जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिला अध्यक्ष ने कहा, ''भारत गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द का देश है. ऐसे में सभी लोगों को अफवाहों से बचते हुए प्रेम और भाईचारे का संदेश देना चाहिए.''
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बकरीद में कुर्बानी से जुड़ी तस्वीरें शेयर न करने की अपील
उन्होंने लोगों से खास अपील करते हुए कहा, ''बकरीद के दौरान कुर्बानी से जुड़ी फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर न करें, ताकि किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत न हों. जमीयत की हमेशा कोशिश रहती है कि समाज में सौहार्द बना रहे और किसी को कोई असुविधा न हो.
अब सड़क पर नमाज अदा नहीं की जाती- जमीयत उलेमा-ए-हिंद
सड़कों पर नमाज को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिला अध्यक्ष ने कहा कि अब सड़क पर नमाज अदा नहीं की जाती और आगे भी ऐसा नहीं होगा. उन्होंने कहा, ''मस्जिदें, मदरसे और ईदगाह नमाज के लिए पर्याप्त हैं. अगर किसी जगह भीड़ अधिक होती है तो लोग आसपास की मस्जिदों में नमाज अदा करें.''
वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन जून तक पूरी कर लें- मौलाना कासमी
बैठक में वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन का मुद्दा भी उठाया गया. मौलाना कासमी ने कहा कि जिन लोगों ने अभी तक अपनी वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, वे जून माह के भीतर प्रक्रिया पूरी कर लें. उन्होंने कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद समय-समय पर ऐसी बैठकें आयोजित कर सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने का काम करती रहती है.
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Source: IOCL
























