Meerut News: अलमारी के नीचे तहखाने में चल रही हथियार फैक्ट्री का पर्दाफाश, BCA छात्र करता था सप्लाई
Meerut News In Hindi: थाना इंचौली पुलिस और स्वाट टीम ने खरदौनी के जंगल में चल रही अवैध तमंचा फैक्टरी पकड़ी है. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, साथ अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है.

मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के खरदौनी गांव में मंगलवार देर रात पुलिस ने अवैध हथियारों की फैक्ट्री पकड़ी है. खास बात यह कि ये फैक्ट्री अलमारी के नीचे चल रही थी. फैक्ट्री का संचालक कोई और नहीं एक बीसीए स्टूडेंट निकला है. बता दें लगभग 15 दिन पहले ही मेरठ में पलंग के नीचे एक हथियारों का तहखाना मिला था. जहां अवैध हथियार बनाए जा रहे थे. इसके बाद अब अलमारी के नीचे अवैध हथियारों को बनाने की फैक्ट्री पुलिस ने पकड़ी है.
जानकारी के मुताबिक, मेरठ में थाना इंचौली पुलिस और स्वाट टीम ने खरदौनी के जंगल में चल रही अवैध तमंचा फैक्टरी पकड़ी है. मंगलवार देर पुलिस ने मौके से मास्टरमाइंड इमरान समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस गैंग में बीसीए का छात्र उमंग ठाकुर भी तमंचा तस्करी का काम करता है.
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25 साल पहले अवैध हथियार के आरोप में जेल गया था इमरान
पुलिस की गिरफ्त में आया मुख्य आरोपी इमरान शातिर अपराधी है. वह करीब 25 साल पहले (वर्ष 2000 में) भी शस्त्र फैक्टरी चलाने के आरोप में जेल भेजा गया था. जेल से बाहर आने के लंबे समय बाद उसने फिर से अपना नेटवर्क तैयार किया और बड़े पैमाने पर तमंचे बनाने लगा.
आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार बनाने सामग्री बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार बनाने का भारी मात्रा में सामान बरामद किया है. इसमें तैयार और अधबने तमंचों के साथ हथियार बनाने वाले कई उपकरण शामिल हैं. बरामदगी में एक अधबना तमंचा और दो तैयार तमंचे मिले हैं. इसके अलावा 36 स्प्रिंग, 45 नाल और 12 बोर की नाल के कई टुकड़े बरामद किए गए.
इसके अलावा पुलिस को 115 स्प्रिंग केस भी मिले हैं. हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली बाई, रिंच, पेचकस, प्लास, बेंच वाइस और छैनी भी बरामद हुई है. इसके अलावा 41 ड्रिल बिट, ग्राइंडर, वेल्डिंग रॉड, आरी, रेती, एक वेल्डिंग मशीन और दो प्रकार की खराद मशीनें भी पुलिस ने कब्जे में ली हैं.
बीसीए का छात्र करता था हथियारों की सप्लाई
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में इमरान तमंचे बनाने का काम करता था. दौराला निवासी कुलदीप हथियारों की सप्लाई करता था, जबकि नरेंद्र बीच की कड़ी के रूप में काम करता था. वहीं 19 वर्षीय उमंग ठाकुर शहर के एक कॉलेज से बीसीए की पढ़ाई कर रहा है और ऑन डिमांड हथियारों की सप्लाई करता था.
एसपी देहात ने क्या कहा?
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि गिरोह लंबे समय से अवैध असलाह बनाकर सप्लाई कर रहा था. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है.
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