मेरठ ललिता गौतम हत्याकांड: थिरोट गांव भारी संख्या में पुलिस बल तैनात, बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक
Lalita Gautam Murder: मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा हैं. तनाव को देखते हुए प्रशासन ने रोहटा क्षेत्र के थिरोट गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर सियासत कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. प्रदर्शनकारियों पर एसएसपी अविनाश पांडेय के 'थप्पड़ कांड' के बाद तमाम विरोधी दल सरकार पर हमलावर बने हुए हैं. वहीं इस पूरे विवाद को देखते हुए रोहटा क्षेत्र के थिरोट गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रदर्शन के बाद पूरे गाँव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. वहीं आज बीजेपी के पूर्व विधायक संगीत सोम भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे रहे हैं.
मेरठ में हुए प्रदर्शन के बाद रोहटा थाना क्षेत्र स्थित गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया. एहतियात के तौर पर बाहरी लोगों और मीडिया के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई. गांव के सभी प्रमुख रास्तों पर पुलिस बल तैनात किया गया. आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की निगरानी की गई. बाहरी लोगों के भी गांव में प्रवेश पर रोक है.
भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
पुलिस ने गाँव के सभी प्रमुख रास्तों पर पुलिस की निगरानी को बढ़ा दिया है. हरेक आने-जाने वाले की सख्ती से जाँच की जा रही है. प्रशासन ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए ये कदम उठाया गया है. प्रशासनिक अधिकारी हालात पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं ताकि क़ानून व्यवस्था बनाई रखी जा सके.
आज पीड़ित परिवार से मिलेंगे संगीत सोम
इस पूरे विवाद की बीच बीजेपी के पूर्व विधायक संगीत सोम ने भी आज पीड़ित परिवार से मुलाकात का ऐलान किया है और परिवार को न्याय देने की माँग की हैं. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर कहा- 'आज 11 बजे मेरठ जाकर दिवंगत बेटी ललिता गौतम के पीड़ित परिवार से भेंट कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने एवं शोकाकुल परिजनों से मुलाकात करूंगा.
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. हमारी प्रार्थना है कि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिले तथा इस जघन्य अपराध के सभी दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित हो.'
चंद्रशेखर आजाद और पुलिस में नोंक-झोक
इससे पहले बुधवार 8 जुलाई को मेरठ कमिश्नरेट पर ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर धरना प्रदर्शन के दौरान एसएसपी के थप्पड़कांड को लेकर विवाद हो गया था. जिसके बाद शुक्रवार को नगीना सांसद और आज़ाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवार से मिलने मेरठ पहुंचे लेकिन, पुलिस-प्रशासन ने दौराला स्थित शिवाया टोल प्लाजा के बाद उन्हें रोक लिया.
इस दौरान चंद्रशेखर और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली. जिसके चलते टोल प्लाजा पर काफी देर तक हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. चंद्रशेखर ने इस दौरान पुलिस पर तानाशाही करने का आरोप लगाया. नगीना सांसद पीड़ित परिवार से मिलने की जिद पर अड़े रहे, जिसके बाद पुलिस को उनके आगे झुकना पड़ा और प्रशासन ने ललिता के परिवार को टोल प्लाजा पर ही बुलाया और मुलाक़ात कराई.
जानें क्या है पूरा मामला?
बता दें कि मेरठ में 20 वर्षीय दलित छात्रा ललिता गौतम 15 मई को लापता हो गई थी, जिसके बाद 17 मई को उसका शव बरामद हुआ था. सीसीटीवी में ललिता कल्याणपुर के रहने वाले अंकुश नाम के युवक के साथ जाती दिखाई दी थी. पुलिस ने अंकुश को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपी ने ललिता की हत्या करने की बात क़बूल कर ली है.
वहीं दूसरी तरफ परिवार का आरोप हैं कि इस मामले में दूसरे आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है. इस पूरे हत्याकांड को अकेला अंकुश अंजाम नहीं दे सकता, इसमें और लोग भी शामिल हैं. इसके साथ ही परिवार ने बुलडोजर की कार्रवाई करने के भी मांग की है.
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