मुजफ्फरनगर: कांवड़ यात्रा में पहुंचीं साध्वी प्राची, छात्रों पर क्या बोलीं?
Sadhvi Prachi News: मुजफ्फरनगर में साध्वी प्राची ने कांवड़ यात्रा, छात्र आंदोलन, विपक्ष और मौलाना जर्जिस पर तीखी प्रतिक्रिया दी. देशद्रोह का मुकदमा चलाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है.

मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान शिव चौक पहुंचीं हिंदूवादी नेत्री साध्वी प्राची ने कई समसामयिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी. इस दौरान उन्होंने सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर शिवभक्तों से शांति बनाए रखने की अपील की. साथ ही दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन, विपक्ष की राजनीति और मौलाना जर्जिस के विवादित बयान को लेकर भी तीखी टिप्पणी की. साध्वी प्राची ने कुछ मामलों में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए अपने बयान दिए.
साध्वी प्राची ने सबसे पहले सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं से संयम बरतने की अपील की. उन्होंने कहा कि सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और बाबा भोलेनाथ के भक्त पूरी श्रद्धा के साथ कांवड़ यात्रा कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह का उत्पात नहीं होना चाहिए. श्रद्धालु शुद्ध भावना के साथ गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचें और बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करें. उन्होंने प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी सराहना करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा के लिए अच्छी तैयारियां की गई हैं.
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मौलाना जर्जिस के बयान पर जताई नाराजगी
हाल ही में मौलाना जर्जिस द्वारा हिंदू देवी-देवताओं को लेकर दिए गए विवादित बयान का जिक्र करते हुए साध्वी प्राची ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश सरकार को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा कदम उठाए कि उसकी 7 पीढ़ियां भी याद रखें. साध्वी प्राची ने यह भी कहा कि जो भी सनातनी मौलाना का मुंह काला करके उसे थप्पड़ मारेगा, उसे वह शिव चौक पर सम्मानित करेंगी.
विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
संसद के बाहर विपक्ष के प्रदर्शन पर भी साध्वी प्राची ने निशाना साधा. उन्होंने कहा कि चंदे से जुड़े मामलों में किसी संत या भगवाधारी का नाम सामने नहीं आया, लेकिन विपक्ष भगवा का अपमान करने का काम कर रहा है. कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है और सत्ता उन्हें मिलने वाली नहीं है. इसी वजह से वे इस तरह के प्रदर्शन कर रहे हैं. साध्वी प्राची ने यह भी दावा किया कि विपक्ष का "रिमोट विदेश, खासकर अरब राष्ट्रों से चल रहा है."
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए साध्वी प्राची ने कहा कि वहां प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल कुछ महिलाओं ने ऐसी भाषा का प्रयोग किया जिसे सुनना भी शर्मनाक था.
साध्वी प्राची ने कहा कि उन महिलाओं की तस्वीरें लोगों को अपने मोबाइल में सुरक्षित रखनी चाहिए ताकि भविष्य में पहचान हो सके. उन्होंने दावा किया कि आंदोलन में शामिल महिलाएं छात्राएं नहीं थीं, बल्कि 30 से 35 साल की महिलाएं थीं, जिन्होंने सोची-समझी साजिश के तहत इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया.
देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग
साध्वी प्राची ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करने वालों को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने मांग की कि ऐसे लोगों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. उनके मुताबिक यह मामला केवल राजनीतिक विरोध का नहीं, बल्कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों की गरिमा से जुड़ा हुआ है.
साध्वी प्राची ने छात्र आंदोलन को लेकर दावा किया कि प्रदर्शन में केवल पांच प्रतिशत छात्र थे, जबकि बाकी लोग "दंगाई" थे. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग हर धरने में पहुंच जाते हैं और उनका उद्देश्य माहौल खराब करना होता है.
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उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल 90 प्रतिशत लोग छात्र नहीं थे, बल्कि दंगाई तत्व थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसे लोगों का रिमोट भी अरब राष्ट्रों से चल रहा था.
साध्वी प्राची ने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि उनके मुताबिक वे देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं.
























