दादरी महापंचायत मामले में जेल गए 22 आरोपियों की जमानत, चंद्रशेखर आजाद ने दी थी आंदोलन की धमकी
Meerut News: मेरठ के दादरी गांव में महापंचायत के बाद पथराव मामले में कोर्ट ने 22 लोगों को ज़मानत दे दी है. जिनमें से 11 को रिहा कर दिया गया है. जबकि 11 लोग अभी जेल में ही हैं.

मेरठ के दादरी गांव में हाल ही में हुई गुर्जर महापंचायत के बाद लाठीचार्ज और पथराव की घटना सामने आई थी. इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 22 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. शुक्रवार को कोर्ट ने इन सभी 22 आरोपियों को ज़मानत दे दी हैं.
इन गिरफ्तारियों को लेकर गुर्जर समाज में आक्रोश फैल गया था. जिसके बाद प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर, आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आज़ाद, बिजनौर सांसद चंदन सिंह चौहान और सपा विधायक अतुल प्रधान समेत कई राजनीतिक दलों के नेता जेल में बंद गुर्जर समाज के लोगों से मिलने पहुंचे थे. जिसके बाद कोर्ट से अब ये फैसला आया है.
कोर्ट ने सभी 22 लोगों को दी जमानत
शुक्रवार को अदालत ने सभी 22 आरोपियों को ज़मानत दे दी. हालांकि, ज़मानती कागज़ात सिर्फ 11 लोगों के ही पूरे हो सके, जिसके चलते शुक्रवार रात को उन्हीं 11 लोगों को जेल से रिहा किया गया. इस दौरान जेल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही. जगह-जगह पुलिस तैनात रही और बैरिकेडिंग लगाकर परिजनों व समर्थकों को मुख्य द्वार तक पहुंचने से रोक दिया गया.
रिहाई के बाद जेल से बाहर निकले लोगों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया और नारेबाज़ी भी की गई. जेल से बाहर आने के बाद बाहर आए लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जबरन गिरफ्तार किया था. उनका कहना था कि वे शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे थे लेकिन जाति विशेष को निशाना बनाते हुए पुलिस ने कार्रवाई की.
चंद्रशेखर आजाद ने दी थी आंदोलन की धमकी
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने चार दिन पहले ही सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि यदि गुर्जर समाज के लोगों को रिहा नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा. उनके दौरे के अगले ही दिन अदालत से सभी 22 लोगों को जमानत मिल गई.
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Source: IOCL






















