'ओम प्रकाश राजभर जैसे मंत्री का रहना उचित नहीं', मऊ में BJP के इस दिग्गज नेता ने बयान पर जताई आपत्ति
UP News: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हरिनारायण राजभर ने यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. साथ ही उन्हें मंत्री पद से हटाने की मांग की है.

उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में मंत्री ओम प्रकाश राजभर एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद से ही लगातार पार्टी की नीतियों और कार्यकर्ताओं को लेकर उनकी बयानबाजी ने सियासी माहौल गरमा दिया है. हाल ही में विद्यार्थी परिषद को “गुंडा” और “उग्रवादी” बताने वाले मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बयान ने विवाद को और भड़का दिया है.
पूर्व सांसद व कल्याण सिंह सरकार में कारागार मंत्री रहे वरिष्ठ भाजपा नेता हरिनारायण राजभर ने ओम प्रकाश राजभर के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. हरिनारायण राजभर का कहना है कि यह बेहद खेदजनक है, क्योंकि स्वयं राजभर परिवार पर उग्रवादी भाषा बोलने के आरोप लग रहे हैं. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उनके दोनों बेटे खुलेआम समाज को भड़काने वाले बयान दे रहे हैं.
'ओपी राजभर की भूमिका से बीजेपी की छवि को लगा धक्का'
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वाराणसी में राजभर और क्षत्रिय समाज के बीच तनाव बढ़ाने में भी ओम प्रकाश राजभर की भूमिका रही, जिससे भाजपा की छवि को धक्का लगा. पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की साफ-सुथरी और विकासमुखी सरकार में राजभर जैसे मंत्री का रहना उचित नहीं है.
'अपने ही समाज को गुमराह कर रहे ओपी राजभर'
भाजपा से जुड़े स्थानीय नेताओं का कहना है कि राजभर जातीय राजनीति करके न केवल पार्टी की छवि धूमिल कर रहे हैं बल्कि अपने ही समाज को गुमराह कर रहे हैं. उनका आरोप है कि राजभर समाज आरक्षण चाहता है, लेकिन ओम प्रकाश राजभर इस मुद्दे पर कभी गंभीर नहीं दिखे.
वरिष्ठ नेता हरिनारायण राजभर ने कहा, “ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा आज केवल परिवार तक सीमित रह गई है. उनके इस रवैये से भाजपा की बदनामी हो रही है. अगर उनमें थोड़ी भी नैतिकता बची है तो तुरंत इस्तीफा देकर दिखाएं.”
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Source: IOCL





















