महोबा: TET आदेश के खिलाफ शिक्षक संघ का धरना प्रदर्शन, पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवाओं पर संकट
Mahoba News: संगठन के जिलाध्यक्ष प्रशांत सक्सेना के नेतृत्व में धरने के दौरान शिक्षक संघ ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को 5 सूत्रीय मांगों वाला ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा.

महोबा में उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ एवं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले शिक्षक सोमवार को कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए. शिक्षक संघ ने सुप्रीम कोर्ट के 01 सितंबर को जारी आदेश के खिलाफ विरोध जताया, जिसमें पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्य करने का प्रावधान किया गया है. इस आदेश के चलते पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवाओं पर संकट उत्पन्न हो गया है और उनके परिवारों की आजीविका खतरे में पड़ सकती है.
संगठन के जिलाध्यक्ष प्रशांत सक्सेना के नेतृत्व में धरने के दौरान शिक्षक संघ ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय मांगों वाला ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा. ज्ञापन में मांग की गई है कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखा जाए, उनकी सेवा शर्तें सुरक्षित रहें, नियुक्तियों को मान्यता दी जाए, महिला एवं दिव्यांग शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव न पड़े और उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाए.
इस धरने में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षक लंबे समय से सेवा में हैं और उनकी नियुक्ति नियमित की जा चुकी है. नए आदेश के तहत उन्हें टीईटी परीक्षा देने के लिए मजबूर किया जाना न केवल उनके अधिकारों का हनन है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है.
संगठन ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो प्रदेश के लाखों शिक्षक सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे. शिक्षकों ने इस अवसर पर नारेबाजी कर एकजुटता का संदेश दिया और कहा कि भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है, लेकिन शिक्षकों का सम्मान बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है. संगठन ने सरकार और संबंधित उच्च अधिकारियों से अपील की कि पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवाओं को सुरक्षित रखते हुए उन्हें टीईटी से राहत दी जाए ताकि शिक्षकों और उनके परिवारों का भविष्य सुरक्षित रहे.
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Source: IOCL






















