लखनऊ: शिक्षक की कमी पर छात्रों में आक्रोश, सड़क किया जाम
Lucknow News In Hindi: लखनऊ में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों ने बुद्धेश्वर चौराहे पर जाम लगाया. मंत्री असीम अरुण ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को नई भर्ती का आश्वासन देकर शांत कराया.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार (14 अगस्त) को स्कूली छात्रों का भारी आक्रोश देखने को मिला. पारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जय नारायण स्कूल के सैकड़ों छात्रों ने विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी से नाराज होकर सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया. गुस्साए छात्रों ने शहर के व्यस्ततम बुद्धेश्वर चौराहे पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया. छात्रों ने स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उनका साफ तौर पर कहना था कि शिक्षकों के अभाव में उनका भविष्य अंधकार में जा रहा है और पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो रही है.
सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और छात्रों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाने का प्रयास करने लगी. लेकिन छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे. इसी बीच, मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण खुद मौके पर पहुंच गए. एक विभागीय मंत्री को अपने बीच पाकर छात्रों ने अपनी सभी समस्याएं उनके सामने रखीं.
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अतिथि शिक्षकों पर कोर्ट के स्टे से बिगड़े हालात
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने सड़क पर ही छात्रों की पंचायत लगाई और एक-एक करके उनकी बातें ध्यान से सुनीं. छात्रों की समस्या को जायज ठहराते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार शिक्षकों की कमी से वाकिफ है. उन्होंने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए पिछले साल अतिथि शिक्षकों (Guest Teachers) की विशेष व्यवस्था की गई थी, जिससे पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके. लेकिन, इस व्यवस्था के खिलाफ हाईकोर्ट का आदेश आ गया और पूरी प्रक्रिया पर स्टे लग गया.
कोर्ट के इसी स्टे के कारण बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक चाहकर भी पढ़ा नहीं पा रहे हैं, जिससे यह संकट गहराया है. मंत्री ने बच्चों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कोर्ट में अगली तारीख पर मजबूती से पैरवी कर रही है ताकि स्टे हटवाया जा सके और शिक्षकों की वापसी हो सके.
नए शिक्षक भर्ती आयोग से जल्द होगी स्थायी नियुक्ति
असीम अरुण ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके भविष्य को लेकर बेहद संवेदनशील है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद विद्यालयों की बुनियादी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए हाल ही में एक बड़ा बजट भी स्वीकृत किया है. इसके अलावा, राज्य में बहुप्रतीक्षित नए 'शिक्षक भर्ती आयोग' का गठन भी कर लिया गया है. इस आयोग के माध्यम से जल्द ही जय नारायण जैसे विद्यालयों में शिक्षकों की स्थायी भर्ती की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
आवासीय विद्यालय के लिए 24 घंटे की व्यवस्था का आश्वासन
मंत्री असीम अरुण ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जय नारायण स्कूल एक आवासीय विद्यालय है, जहां बच्चे दिन-रात रहते हैं. इसलिए, यहां केवल दिन की पढ़ाई ही नहीं, बल्कि 24 घंटे छात्रों की देखभाल और मार्गदर्शन के लिए शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है. उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार का पूरा प्रयास है कि छात्रों की पढ़ाई किसी भी कीमत पर प्रभावित न हो.
सड़क पर खड़े होकर एक मंत्री द्वारा इतनी आत्मीयता से समस्या का तर्कसंगत जवाब देने और त्वरित समाधान का ठोस आश्वासन मिलने के बाद छात्रों का गुस्सा शांत हो गया. मंत्री असीम अरुण के भरोसे के बाद बच्चों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया और बुद्धेश्वर चौराहे का यातायात फिर से सुचारू हो गया.
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