Lucknow Metro के विस्तार को मिली मंजूरी, सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी को कहा - थैंक्स
Lucknow Metro के चरण 1बी से बेहतर यातायात व्यवस्था, जाम की समस्या में कमी, पर्यावरणीय लाभ, आर्थिक विकास और जीवन स्तर में सुधार होगा.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश में लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के फेस-1बी को मगंलवार को मंजूरी दे दी. इस परियोजना का कॉरिडोर 11.165 किलोमीटर लंबा होगा और इस पर 5801 करोड़ रुपये की लागत आएगी. यह जानकरी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी. एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, फेस-1बी के चालू होने पर, लखनऊ शहर में कुल 34 किलोमीटर का मेट्रो रेल नेटवर्क संचालित होगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई.
केंद्र के इस फैसले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रसन्नता व्यक्त की. सीएम ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा आज उत्तर प्रदेश में मेट्रो रेल नेटवर्क को विस्तार देने हेतु ₹5,801 करोड़ की लागत से लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के Phase-1B को मिली स्वीकृति अभिनंदनीय है. इस परियोजना की लंबाई 11.165 किलोमीटर होगी और इसमें 7 भूमिगत और 5 एलिवेटेड सहित 12 स्टेशन होंगे. विभिन्न आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक सुविधाओं को जोड़ते हुए यह मेट्रो न केवल राजधानी की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाएगी, बल्कि रोजगार, पर्यटन और निवेश के नए अवसर भी प्रदान करेगी. हार्दिक आभार.
लखनऊ के सांसद और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की एक पोस्ट की प्रतिक्रिया में सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन एवं आपके सतत सहयोग का ही यह प्रतिफल है कि उत्तर प्रदेश आज अभूतपूर्व विकास यात्रा पर अग्रसर है. लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के Phase-1B को मिली यह स्वीकृति प्रदेश की विकास यात्रा में मील का पत्थर सिद्ध होगी. हार्दिक आभार रक्षा मंत्री!
बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम- केंद्र
बता दें एक बयान में सरकार ने कहा कि लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना का फेस-1बी शहर के बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह शहर में मेट्रो रेल नेटवर्क के एक बड़े विस्तार को साकार करता है.
बयान के मुताबिक, नया कॉरिडोर 11.165 किलोमीटर लंबा होगा और कुल 12 स्टेशन होंगे, जिनमें सात भूमिगत और पांच एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं. इसमें कहा गया है कि इसमें शहर के पुराने और सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा, जहां वर्तमान में बेहतर आवागमन सुविधा का अभाव है.
इस फेस का उद्देश्य पुराने लखनऊ के प्रमुख क्षेत्रों को निर्बाध रूप से जोड़ना है, जिनमें अमीनाबाद, यहियागंज, पांडेयगंज और चौक जैसे व्यावसायिक केंद्र शामिल हैं.
लखनऊ मेट्रो के फेस 1B को मंजूरी, इस रूट पर अब शुरू होगा काम, 5,801 करोड़ रुपए स्वीकृत
इन रूट्स से गुजरेगा का लखनऊ मेट्रो का फेस 1-बी
वक्तव्य के अनुसार, यह कॉरिडोर महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, विशेष रूप से किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (मेडिकल कॉलेज), बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा, भूल-भुलैया, घंटाघर और रूमी दरवाज़ा जैसे अहम पर्यटक केंद्रों, शहर की समृद्ध और ऐतिहासिक खाद्य संस्कृति के लिए प्रसिद्ध पाक-कला स्थलों को भी जोड़ेगा.
इसमें कहा गया है, 'इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़कर, फेस-1बी न केवल यातायात सुविध बढ़ाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों एवं पर्यटन को भी बढ़ावा देगा तथा लखनऊवासियों और आगंतुकों दोनों के लिए शहरी आवागमन को आसान बनाएगा.'
बयान में कहा गया है कि प्रमुख शहरी चुनौतियों का समाधान करके और भविष्य के विस्तार के लिए आधार प्रदान करके, फेस-1बी शहर के विकास पथ और स्थायित्व को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.





















