Uttarakhand News: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे गांव में बाघ का आतंक, महिला पर हमला कर मौत के घाट उतारा
Kotdwar News: कोटद्वार के विकासखंड नैनीडांडा में बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई. महिला का शव बरामद कर लिया गया है. साथ ही बाघ की लोकेशन वन विभाग ट्रैक कर रही है.

Corbett Tiger Reserve: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. ताजा मामला कोटद्वार के विकासखंड नैनीडांडा का है, जहां कालागढ़ टाइगर रिजर्व (केटीआर) से सटे ग्राम जमुण में देर रात बाघ ने एक महिला पर हमला कर उसकी जान ले ली. घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, वहीं वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है
जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात गुड्डी देवी (55) पत्नी राजू भदूला गांव के पास अपने खेतों की ओर गई थीं. इस दौरान झाड़ियों में छिपे बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया. महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बाघ उन्हें घसीटकर जंगल में ले जा चुका था.
ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ को पकड़ने की मांग की
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और सर्च ऑपरेशन शुरू किया. कुछ दूरी पर महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ. बाघ के हमले में उनके शरीर पर गहरे घाव थे, जिससे साफ था कि घटना काफी भयावह थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि बाघ पिछले कुछ दिनों से इलाके में देखा जा रहा था, लेकिन वन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ को पकड़ने और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है. घटना की सूचना मिलते ही कालागढ़ टाइगर रिजर्व (केटीआर) वन प्रभाग की टीम मौके पर पहुंची.
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डीएफओ (डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर) राहुल मिश्रा ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा, "वन विभाग की टीम इलाके में गश्त बढ़ा रही है और ट्रैप कैमरे भी लगाए जाएंगे ताकि बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके. यदि आवश्यक हुआ तो बाघ को पकड़ने की कार्रवाई भी की जाएगी." वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को रात में अकेले बाहर न जाने और समूह में रहने की सलाह दी है. साथ ही, वन विभाग जल्द ही प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगाने पर विचार कर रहा है ताकि आदमखोर बाघ को पकड़ा जा सके
बाघ की लोकेशन ट्रैक कर वन विभाग की टीम
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों में भोजन की कमी, बढ़ती मानव गतिविधि और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में हो रहे बदलावों के कारण बाघ और गुलदार अब गांवों की ओर रुख कर रहे हैं. ग्राम जमुण में बाघ के हमले से महिला की मौत के बाद पूरा गांव भय के साये में है. वन विभाग और प्रशासन को जल्द से जल्द कार्रवाई करनी होगी ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके. फिलहाल, वन विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी है और बाघ की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश कर रही है.
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Source: IOCL






















