कोल में 1.40 लाख मुस्लिम, 75 हजार ब्राह्मण वोट, 2027 में किसके साथ जाएगा ये बड़ा वोटबैंक?
कोल विधानसभा सीट मुस्लिम और ब्राह्मण बाहुल्य विधानसभा सीट है. तीसरे नंबर पर एससी मतदाता आते हैं. लोधी और ठाकुर वोट भी इस सीट पर निर्णायक हैं.

कोल सीट की विधानसभा संख्या 75 है. कोल अलीगढ़ जिले और अलीगढ़ लोकसभा सीट का हिस्सा है. कोल काफी ऐतिहासिक विधानसभा सीट है. लंबे समय तक कोल विधानसभा सीट एससी समाज के लिए आरक्षित थी. साल 2012 में कोल विधानसभा सीट सामान्य हुई. कोल विधानसभा सीट मुस्लिम और ब्राह्मण बाहुल्य है.
कोल विधानसभा सीट पर बीजेपी पहली बार 1985 में चुनाव जीती. 1985 के बाद 1991, 1993, 1996, 2017 और 2022 में कोल से बीजेपी के विधायक बने. कांग्रेस आखिरी बार 1989 में कोल विधानसभा सीट जीती थी. 2002 और 2007 में बसपा भी कोल विधानसभा सीट जीती थी. साल 2012 में समाजवादी पार्टी ने कोल विधानसभा सीट जीती.
एसआईआर के बाद कोल विधानसभा सीट पर 3,44,295 मतदाता हैं. 2024 लोकसभा चुनाव के समय कोल विधानसभा सीट पर 4,09,106 मतदाता थे. एसआईआर के बाद कोल विधानसभा सीट पर 64,811 मतदाता कम हुए हैं.
2022 विधानसभा चुनाव में कोल विधानसभा सीट से बीजेपी के अनिल पाराशर विधायक बने. सपा ने शाज इशाक को टिकट दिया. बसपा ने मोहम्मद बिलाल, कांग्रेस ने विवेक बंसल को प्रत्याशी बनाया. सपा और बसपा दोनों ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारे.
2022 विधानसभा चुनाव में कोल विधानसभा सीट के चुनावी नतीजे-
1. बीजेपी- 1,08,067
2. सपा- 1,03,039
3. बसपा- 23,016
4. कांग्रेस- 15,550
2022 विधानसभा चुनाव में कोल विधानसभा सीट से बीजेपी के अनिल पाराशर चुनाव जीते. बीजेपी ने सपा के शाज इशाक को लगभग 5 हजार वोटों से चुनाव हरा दिया. बीजेपी को 42.81 फीसदी और सपा को 40.82 प्रतिशत वोट मिले. दोनों ही दलों के बीच करीब 2 प्रतिशत वोटों का अंतर रहा. बसपा को लगभग 23 हजार वोट मिले. कांग्रेस के बहुत बड़े नेता को कोल में सिर्फ 15 हजार वोट ही मिले.
2022 विधानसभा चुनाव में कोल विधानसभा सीट पर बीजेपी को ब्राह्मण, ठाकुर और लोधी समाज का पूरा वोट मिला. बीजेपी को बसपा के मूल काडर वाले एससी वोट से अलग हटकर अन्य एससी समाज का वोट भी मिला. बीजेपी ने ब्राह्मण समाज के प्रत्याशी को टिकट दिया था. बनिया समाज का 10 हजार वोट बीजेपी से हटकर कांग्रेस के साथ गए. बीजेपी को जाट समाज का पूरा वोट मिला.
2022 विधानसभा चुनाव में सपा को मुस्लिम और यादव वोट मिले. हालांकि मुस्लिम में 3-4 हजार वोट कांग्रेस पार्टी के पास भी गए. वहीं बसपा को कोल में अपने मूल काडर वाला एससी समाज का वोट मिला. कांग्रेस पार्टी को 10 हजार बनिया वोट के साथ साथ 3-4 मुस्लिम वोट मिले. सपा को आरएलडी से गठबंधन के बाद भी जाट समाज का वोट हासिल नहीं हुआ.
कोल विधानसभा सीट अलीगढ़ लोकसभा सीट का हिस्सा है. बीजेपी ने सतीश गौतम और सपा न ेबिजेन्द्र सिंह को 2024 में लोकसभा का प्रत्याशी बनाया था.
2024 लोकसभा चुनाव में कोल विधानसभा सीट के चुनावी नतीजे-
1. सपा- 1,18,160
2. बीजेपी- 89,119
3. बसपा- 23,753
2024 लोकसभा चुनाव में कोल विधानसभा सीट पर सपा ने दमदार वापसी की. सपा ने कोल में बीजेपी को लगभग 29 हजार वोटों से चुनाव हरा दिया. बसपा को लगभग 23 हजार वोट ही मिल पाए.
2024 लोकसभा चुनाव में कोल विधानसभा सीट पर बीजेपी को ब्राह्मण, बनिया, लोधी समाजा का एकतरफा वोट मिला. लेकिन बीजेपी की अंदरूनी उठापटक के चलते कोल विधानसभा सीट पर ठाकुर वोटों का नुकसान हुआ. इसके अलावा आरएलडी से गठबंधन के बाद भी बीजेपी को जाट वोट नहीं मिल पाए. बीजेपी को लगभग 10 हजार ठाकुर वोटों का नुकसान हुआ.
2024 लोकसभा चुनाव में कोल विधानसभा सीट पर सपा को मुस्लिम, जाट वोट एक साथ मिले. इसके अलावा लगभग 10 हजार ठाकुर वोट भी सपा को मिले. 2022 में सपा को 3-4 हजार मुस्लिम वोट जो नहीं मिले थे, वो 2024 में मिल गए. जबकि बसपा अपने मूल काडर वाला वोट लेने में सफल रही.
कोल विधानसभा सीट के जातीय समीकरण (अनुमानित)-
1. मुस्लिम- 1.40 लाख
2. ब्राह्मण- 75 हजार
3. बनिया- 28 हजार
4. ठाकुर- 23 हजार
5. एससी- 50 हजार
6. लोधी- 14 हजार
7. जाट- 5 हजार
8. नाई- 7 हजार
9. सैनी- 5 हजार
10. प्रजापति- 4 हजार
11. यादव- 2 हजार
कोल विधानसभा सीट मुस्लिम और ब्राह्मण बाहुल्य विधानसभा सीट है. तीसरे नंबर पर एससी मतदाता आते हैं. लोधी और ठाकुर वोट भी इस सीट पर निर्णायक हैं.





















